मेंहदावल। राज्य महिला आयोग महिलाओं के उत्पीड़न का अंत करने में लगा हुआ है। इसके लिए महिलाओं को कानूनों के बारे में जागरूक रहना होगा। ये बातें प्रेमलता महिला महाविद्यालय पर किरन शिक्षा निकेतन द्वारा शुक्रवार को आयोजित विधिक शिविर में राज्य महिला आयोग की सदस्य सुमन सिंह ने कहीं।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मां, बहन और बेटी के स्वस्थ्य रहने से परिवार, समाज के साथ समूचे राष्ट्र को मजबूती मिलती है। महिलाओं को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आयोग किसी प्रकार की कोर्ट फीस/स्टांप पेपर नहीं मांगता है। महिलाएं अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आयोग के कार्यालय पर अपना शिकायत प्रार्थना पत्र दो प्रतियों में पहुंचा दें। उनकी समस्याओं को संज्ञान में लेकर आयोग उसका तुरंत समाधान करेगा। सिविल जज जूनियर डिवीजन आशुतोष ने कहा कि भारतीय संविधान पूरी तरह से अपने नागरिकों को सुरक्षित रखने में सक्षम है। संवैधानिक धाराओं के प्रति विधिक जागरूकता की कमी से महिलाओं को अपराध, विभिन्न अश्लील हरकतों, दहेज उत्पीड़न समेत कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जबकि भारतीय कानून में महिलाओं को उत्पीड़न से बचाने के लिए कई धाराएं बनी हुई है। ऐसे में जागरूकता शिविर को जगह-जगह आयोजित करके इसके प्रति जागरूकता लाने का प्रयास काफी सराहनीय कदम है। शिविर को महाविद्यालय के प्रबंधक चंद्रशेखर पांडेय, अंजना पांडेय ने भी संबोधित किया। संचालन सेवानिवृत्त शिक्षक कृपाशंकर पांडेय ने किया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉक्टर संजय द्विवेदी, प्रभुदयाल जायसवाल, मुरलीधर, भोला सिंह, राजन, अशोक सिंह व महाविद्यालय की छात्राओं के साथ कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।