डर के साए में हैं कस्तूरबा की 80 छात्राएं
- कस्तूरबा विद्यालय बघौली की टूटी चहारदीवारी से हो रही दिक्कत
- बीएसए, डीएम, एडी बेसिक और डिप्टी सीएम भी कर चुके हैं निरीक्षण, पर नहीं गई नजर
संतकबीरनगर। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय बघौली की टूटी चहारदीवारी को जिम्मेदार बनवाने की जहमत नहीं उठा रहे हैं। जबकि डिप्टी सीएम, एडी बेसिक, डीएम और बीएसए समेत कई अफसर विद्यालय का निरीक्षण कर चुके हैं। इस चहारदीवारी को गिरे करीब छह माह हो चुके हैं। छात्राओं में हर समय हादसे का डर बना रहता है।
कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना के तहत संचालित होती है। विद्यालय में छात्राओं के पठन पाठन के साथ ही रहने के लिए आवासीय छात्रावास व अन्य सुविधाएं मिलती हैं। कस्तूरबा विद्यालय बघौली में कुल 80 छात्राएं नामांकित हैं, जो परिसर में रहती हैं। विद्यालय की बाउंड्रीवॉल करीब छह माह पहले टूट गई। 15 मीटर की लंबाई में टूटी यह बाउंड्रीवॉल छात्राओं के लिए परेशानी का सबब बन गया है। इस चहारदीवारी से कभी छुट्टा पशु तो कभी कुत्ते आ जाते हैं। 24 सितंबर को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी विद्यालय का निरीक्षण किया था। उन्होंने बाउंड्रीवॉल के सामने ही बैठकर छात्राओं में पुस्तकें बांटी थीं। उनकी नजर भी बाउंड्रीवाल पर नहीं गई। विद्यालय में तैनात शिक्षिकाएं भी इस संबंध में कुछ भी बोलने से कतराती हैं।
कस्तूरबां गांधी विद्यालय बघौली की बाउंड्रीवॉल टूटी हुई है, जिसे बनाया जाना है, इसके लिए डीएम के माध्यम से ब्लॉक के बीडीओ को पत्र भिजवाया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द बाउंड्रीवॉल का निर्माण हो सके, छात्राओं की सुरक्षा प्राथमिकता में है।
-अतुल कुमार तिवारी, बीएसए