संतकबीरनगर। जिले में बिना रेडियोलाॅजिस्ट के 71 अल्ट्रासाउंड सेंटर चल रहे है। कुल 80 अल्ट्रासाउंड सेंटर पंजीकृत है। सिर्फ नौ सेंटर ने ही मानक पूरा किया है। अब जिन सेंटरों पर रेडियोलाॅजिस्ट नहीं है, उन सेंटरों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए तीनों तहसीलों के एसडीएम के नेतृत्व में टीम छापे मारने की कार्रवाई करेगी और ऐसे सेंटर के संचालकों पर केस दर्ज कराएगी।
सीएमओ कार्यालय ने 28 जून को पंजीकृत अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों को निर्देश दिया था कि वे अपने अपने सेंटर के रेडियोलाॅजिस्ट और वहां कार्य कर रहे कर्मियों का नाम व उनकी डिग्री को कार्यालय में प्रमाणित करा लें। इसके साथ ही एक कागज पर रेडियोलाॅजिस्ट का नाम, फोटो, डिग्री आदि को भरकर उसको सत्यापित कराकर उसे सेंटर पर चस्पा कराना था। इसके लिए 13 जुलाई तिथि निर्धारित की गई थी। मगर, पंजीकृत 80 अल्ट्रासाउंड सेंटरों में से मात्र नौ सेंटरों ने रेडियोलाॅजिस्ट की फोटो और डिग्री लाकर कार्यालय से प्रमाणित कराया है। जिससे यह माना जा रहा है कि 71 अल्ट्रासाउंड सेंटर बिना रेडियोलाॅजिस्ट के चल रहे है। इसके पूर्व स्वास्थ्य टीम की जांच में कई ऐसे अल्ट्रासाउंड सेंटर पकड़े गए हैं जो बिना रेडियोलाॅजिस्ट के संचालित हो रहे थे। उन सेंटरों पर टीम ने कार्रवाई की थी, लेकिन बाद में फिर वे संचालित होने लगे। सीएमओ कार्यालय ने अब ऐसे सेंटरों पर नकेल कसने की तैयारी शुरू कर दी है। तीनों तहसीलों में टीम का गठन कर इन सेंटरों पर छापेमारी कराएगी। उसके बाद केस दर्ज करने के साथ ही अन्य कार्रवाई होगी।
मरीजों का करते हैं शोषण
जिले में चल रहे अल्ट्रासाउंड सेंटर मरीजों को शोषण करते है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों की मिली भगत से मरीजों को सेंटर पर भेजा जाता है और मरीजों का अल्ट्रासाउंड कराया जाता है। प्राइवेट में एक अल्ट्रासाउंड की कीमत 800 रुपये होती है, लेकिन अगर स्वास्थ्य कर्मी भेजते है तो उनका कमीशन तय रहता है। जिला अस्पताल और सीएचसी खलीलाबाद के आस पास ऐसे कई सेंटर संचालित हो रहे है जिनके पास रेडियोलाॅजिस्ट तक नहीं है।
अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों को निर्देश दिया गया था कि वे अपने यहां पर तैनात रेडियोलाॅजिस्ट की फोटो व डिग्री लाकर एक सादे पन्ने पर प्रमाणित करा लें और उसे अल्ट्रासाउंड सेंटर पर चस्पा कर दें। मात्र नौ लोगों ने ही प्रमाणित कराया है। 71 सेंटर संचालकों ने प्रमाणित नहीं कराया है। ऐसे में यह लग रहा है कि यह सेंटर मानक को पूरा नहीं कर रहे है। तीनों तहसील में एसडीएम के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग की टीम छापेमारी करेगी और ऐसे सेंटरों को बंद कराएगी।
डॉ. रामानुज कन्नौजिया, सीएमओ