संतकबीरनगर। खलीलाबाद-बहराइच रेल मार्ग में जमीन अधिग्रहण में काश्तकारों ने कम मुआवजा व रकबा कम दिखाने पर आपत्ति जताई है। मंगलवार को कलक्ट्रेट स्थित भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय पर पहुंच कर मुआवजा की रकम का विरोध जताया। काश्तकारों ने पूरी जांच के बाद ही मुआवजे के वितरण की मांग की।
खलीलाबाद-बहराइच रेल मार्ग जिले में 54 गांव से होकर गुजरेगी। इसकी स्वीकृत वर्ष 2017 में मिली थी। इसके लिए जिले में भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई चल रही है। इसमें खलीलाबाद तहसील के 29 गांव और मेंहदावल तहसील के 25 गांव की भूमि अधिग्रहित होनी है। कुल 142 हेक्येटर जमीन ली जानी है। इसके लिए नोटिफिकेशन जारी हो चुका है। रेल लाइन बिछाने का कार्य 2024 तक पूरा किया जाना है।
मंगलवार को डारीडीहा, झीनखाल, समदा, गौरा, पहरा आदि के काश्तकार कलक्ट्रेट पहुुंचे और भूमि अध्याप्ति अधिकारी से मिले। काश्तकारों ने कहाकि उनको मुआवजा कम दिया जा रहा है। जबकि उनकी जमीन अधिक है। कई काश्तकारों ने कहाकि उनकी भूमि कम दिखाई जा रही है। कुआं और बोरिंग भी है उसका भी मुआवजा मिलना चाहिए। कुल 70 काश्तकारों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। इसको लेकर भूमि अध्याप्ति अधिकारी के कार्यालय में भीड़ लगी रही। भू
मि अध्याप्ति अधिकारी दिनेश पांडेय ने बताया कि काश्तकारों ने मुआवजा कम मिलने पर आपत्ति जताई है। जिसका निस्तारण किया जा रहा है। उम्मीद है कि जनवरी के अंतिम सप्ताह तक मुआवजे की रकम वितरित कर दी जाएगी।