संतकबीरनगर। सीएमएस पर अभ्रद व्यवहार का आरोप लगाकर गुरुवार को जिला अस्पताल के फार्मासिस्ट इमरजेंसी के सामने धरने पर बैठ गए। इस दौरान फार्मासिस्ट सीएमएस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। फार्मासिस्टों ने सीएमएस को हटाने की मांग की। करीब एक घंटे बाद सीएमएस ने मौके पर पहुंच कर खेद जताया, जिसके बाद फार्मासिस्टों ने धरना समाप्त किया। सीएमएस डॉ पंकज टंडन सुबह दवा स्टोर में पहुंचे और दवाओं के बाबत जानकारी हासिल की। इस दौरान उन्होंने मौजूद फार्मासिस्ट से दवा का पूरा रिकार्ड मेंटेन करने को कहा और उसे आलमारी में सही तरीके से रखने को कहा। उसी दौरान एक फार्मासिस्ट से उनकी कहासुनी हो गई। जिसके बाद फार्मासिस्ट सीएमएस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अस्पताल के इमरजेंसी के सामने धरने पर बैठ गए। फार्मासिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री नित्यानंद त्रिपाठी ने कहा कि दवा कक्ष में सीएमएस ने उनके साथी फार्मासिस्ट से मरीजों को पांच-पांच पैरासिटामॉल दिए जाने के लिए कहा। इस दौरान साथी फार्मासिस्ट ने डॉक्टर द्वारा लिखे गए पर्चे के अनुसार 10-10 टेबलेट दिए जाने की बात कही। इस बात को सुनकर सीएमएस भड़क गए और अपशब्दों का प्रयोग करते हुए फार्मासिस्ट का निलंबन एवं उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी। यह सीएमएस का तानाशाही रवैया है। ऐसे तानाशाह सीएमएस को हटाया जाए। फार्मासिस्ट सीएमएस के खिलाफ नारेबाजी कर ही रहे थे कि उसी दौरान सीएमएस पहुंच गए और फार्मासिस्टों को समझाया बुझाया। इस दौरान उन्होंने पूरे प्रकरण पर खेद जताया। जिसके बाद फार्मासिस्ट एक घंटे तक चले धरने को समाप्त कर काम पर लौटे। सीएमएस डॉ पंकज टंडन ने कहा कि फार्मासिस्टों का आरोप बेबुनियाद है। दवा रूप में दवाओं को सही तरीके से रखने और रजिस्टर मेंटेन करने को कहा गया था। जिसके बाद फार्मासिस्ट नाराज हो गए। वे उनके परिवार के सदस्य है। फार्मासिस्टों ने धरना समाप्त कर दिया है। इस अवसर पर जोखन राय, बीएन उपाध्याय, जेपी पांडेय, एके वर्मा, अजय यादव, पवन चौधरी समेत अन्य मौजूद रहे।