इंतजार में गुजर गए आठ माह, पक्के छत के लिए तरस रहे पात्र
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के लाभार्थियों का सब्र टूट रहा है। नगर क्षेत्र के 2623 लाभार्थी ऐसे हैं, जो आठ महीने से आवास मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। डूडा कार्यालय अभी आवास मुख्यालय से स्वीकृत नहीं होने की दुहाई दे रहा है। ऐसी स्थिति में पक्के घर पर रहने का सपना गरीबों का पूरा नहीं हो पा रहा है।
मेंहदावल नगर पंचायत सीमा क्षेत्र का विस्तार उत्तर प्रदेश शासन ने लगभग दो वर्ष पूर्व किया था। विस्तारित क्षेत्र में ग्रामीण विकास की योजनाएं बंद कर दी है। जबकि शहरी विकास की योजनाओं का लाभ पात्रों को नहीं मिल पा रहा है। आलम यह है कि तैनात अवर अभियंताओं के जरिए 2,623 प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थियों की जांच कर डीपीआर तैयार कराया गया। विभागीय स्वीकृति के साथ प्रस्ताव के लिए सूडा मुख्यालय उत्तर प्रदेश शासन को भेज गया था। करीब आठ माह बीत गया, लेकिन आवास की स्वीकृति न मिलने से प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थी पक्के छत के लिए तरस रहे हैं। आवास से वंचित लाभार्थी देव प्रकाश पांडेय, पार्वती, मोहम्मद कयूम, मनीष पांडेय, गौरव पांडेय आदि का कहना है कि ऑनलाइन व ऑफलाइन फार्म भरने के बाद डूडा के अवर अभियंताओं ने अस्थलीय निरीक्षण व मौके की जांच की। आश्वासन दिया कि जांच के बाद पात्रों को प्रधानमंत्री आवास की सूची में शामिल करते हुए डीपीआर बनाकर स्वीकृति के साथ सूडा मुख्यालय उत्तर प्रदेश शासन को भेजा गया है। जहां से स्वीकृति मिलने के बाद लाभार्थियों के खाते में प्रथम किस्त का पैसा भेजा जाएगा। आठ माह का समय बीत गया, लेकिन आवास नहीं मिला। नगर पंचायत मेंहदावल के अधिशासी अधिकारी संदीप कुमार सरोज ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थियों के आवेदन फार्म की जांच डूडा के अवर अभियंताओं के जरिए की गई है। उसका डीपीआर बनाकर स्वीकृति प्रदान करते हुए सूडा मुख्यालय को भेजा गया है, लेकिन वहां से अभी स्वीकृति नहीं मिली है। उम्मीद है कि जल्द ही स्वीकृति मिल जाएगी।