-उपकेंद्र मुखलिसपुर और कोचरी से 50,000 उपभोक्ता परेशान
संवाद न्यूज़ एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से लड़खड़ा गई है। स्थिति यह है कि सोमवार से बुधवार के बीच में विद्युत सब स्टेशन मुखलिसपुर और कोचरी से जुड़े करीब 250 गांवों के 50,000 विद्युत उपभोक्ताओं को सिर्फ तीन घंटे की बिजली सप्लाई ही मिल पाई है। इससे लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बिजली निगम के कर्मी जब बिजली सप्लाई शुरु करते हैं तब तक दूसरी जगह फाॅल्ट हो जाने से बिजली सप्लाई ठप हो जा रही है।
विद्युत सब स्टेशन मुखलिसपुर के भार को कम करने के लिए पौली ब्लॉक के 80 गांव विद्युत सब स्टेशन चौरा कला से जोड़े गए। मई और जून में सब कुछ ठीक चला। जुलाई महीने के प्रथम सप्ताह में विद्युत उप केंद्र चौरा कला में तकनीकी खराबी आ गई। जिसे ठीक करने का प्रयास करीब 15 दिन तक चलता रहा। लेकिन खराबी दूर नहीं हुई तो विद्युत सब स्टेशन मुखलिसपुर से फिर चौरा कला से जुड़े गांवों को जोड़ दिया गया। तभी से मुखलिसपुर सब स्टेशन की आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो गई है। जिसके कारण बिजली की आवाजाही बनी हुई है। कमोबेश यही हाल विद्युत सबस्टेशन कोचरी की भी है।
बड़गो और औराडाड फीडर की हालत बदतर
बिजली उपभोक्ता बृजेश कुमार, प्रदीप कुमार, सुभाष, जगत नारायण, राजन राय, अशोक राय आदि का कहना है कि विद्युत सब स्टेशन कोचरी के बड़गो और औराडाड फीडर पर कभी भी रोस्टर के मुताबिक बिजली की सप्लाई नहीं होती है। कहीं तार टूट कर गिर रहे हैं तो कहीं अन्य कारण से सप्लाई बाधित हो रही है। इस समय तो बिजली सप्लाई की हालत सबसे बदतर है।
इस संबंध में बिजली निगम के एसडीओ पी.पी. वर्मा का कहना है दो दिनों से तकनीकी खराबी और तारों के टूटकर गिरने से बिजली सप्लाई बाधित हुई है। इस समस्या का समाधान करने के लिए कार्य किया जा रहा है। जल्द ही सभी उपभोक्ताओं को सुचारु रुप से बिजली मिलेगी।
शहर के छोटी सरौली में 11 घंटे ठप रही आपूर्ति
उमस भरी गर्मी में लोड बढ़ने से शहर के मोहल्ला छोटी सरौली में पूरी रात बिजली आपूर्ति ठप रही। इसके कारण उपभोक्ताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस क्षेत्र के निवासी शैलेंद्र कुमार, राहुल आदि ने बताया कि रात आठ बजे बिजली अचानक गुल हो गई। काफी देर इंतजार करने के बाद इसकी सूचना निगम के अधिकारियों से की गई, लेकिन पूरी रात बिजली नहीं आई। ऐसे में गर्मी के कारण पूरी रात जागकर गुजारनी पड़ी। सुबह सात बजे बिजली आई तो राहत मिली। इसी प्रकार मगहर कताई मिल फीडर से जुडे़ गांवों में भी करीब चार घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। बिजली आने के बाद लो वोल्टेज की समस्या बनी रही।
बिजली आपूर्ति सुचारु रुप से हो इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुराने जर्जर जंपर बदले गए हैं तो वहीं तारों को व्यवस्थित किया जा रहा है। जल्द ही बिजली आपूर्ति में सुधार किया जाएगा।
-रणधीर कुमार, अधिक्षण अभियंता