पंचायतीराज विभाग को मिले 25 सिविल इंजीनियर
- पहले आरईडी और लघु सिंचाई विभाग के इंजीनियरों के भरोसे था कार्य
- नए सिविल इंजीनियरों के मिलने से समय से गांवों में तैयार होगा इस्टीमेट और माप पुस्तिका
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। पंचायती राज विभाग को 25 सिविलि इंजीनियर मिले हैं। डीपीआरओ कार्यालय में इनके अनुबंध की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन सिविल इंजीनियरों के जिम्मे ग्राम पंचायतों के विकास कार्य का इस्टीमेट और माप पुस्तिका तैयार करना है। सिविल इंजीनियर गांवों के विकास को धार देंगे।
ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों को गति देने के लिए शासन ने अब जनपदों में रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट/ कंस्टल्टिंग इंजीनियरों की तैनाती किए जाने का निर्णय लिया है। अब तक ब्लॉकों में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग एवं लघु सिंचाई विभाग के अवर अभियंताओं की तैनाती थी। कार्य की अधिकता की वजह से ग्राम पंचायतों में समय से इस्टीमेट व मेजरमेंट बुक बनाने का कार्य नहीं हो पता था।
ऐसे में एक ब्लॉक सभी ग्राम पंचायतों का एक साथ न तो इस्टीमेट बन पाता था और न ही एमबी तैयार हो पाती थी। ऐसे में प्रस्ताव के बावजूद ग्राम पंचायतों में कार्य समय से नहीं हो पाता था। ब्लॉक में एक ही इंजीनियर होने से कार्य की अधिकता को देखते हुए शासन ने पिछले दिनों मैन पॉवर बढाने के लिए जनपदों में रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट /कंसल्टिंग इंजीनियरों की पंचायती राज विभाग में तैनाती किए जाने के लिए 16 दिसंबर 2021 को शासनादेश जारी किया था। तभी से प्रक्रिया शुरू हुई थी, जो अब जाकर पूरी हो पाई है।
निदेशक पंचायतीराज अनुज कुमार झा ने 27 सितंबर को जिले के लिए ऐसे 25 इंजीनियरों की सूची डीपीआरओ कार्यालय को भेजी गई है। जिसमें कहा है कि सूची में शामिल सिविल इंजीनियरों के अभिलेखों की जांच कर जिले में योगदान करने के लिए उनका अनुबंध पत्र तैयार कराएं। निदेशक का पत्र मिलने के बाद डीपीआरओ कार्यालय की ओर से अनुबंध तैयार कराने की कवायद शुरू कर दी गई है।
जिले को मिले 25 सिविल इंजीनियरों को कार्यालय बुलाकर उनके अभिलेखों की जांच के बाद उनका अनुबंध पत्र तैयार कराया जा रहा है। जैसे ही निर्देश मिलेगा, वैसे ही इन्हें ज्वाइन करा दिया जाएगा।
- राजेंद्र प्रसाद, डीपीआरओ