- एक कर्मी पर 47619 लोगों की सुरक्षा का दायित्व
- लोकसभा चुनाव के बीच आग से बचाव बनेगा कर्मियों के लिए चुनौती
- गर्मी के मौसम में आग लगने की घटना अधिक होती है
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। अग्निशमन केंद्र पर जिले के 20 लाख की आबादी के सुरक्षा का जिम्मा सिर्फ 42 कर्मी के कंधों पर है। गर्मी के मौसम में आग लगने की घटना अधिक होती है। आबादी के हिसाब से 47619 लोगों के आग से सुरक्षा के लिए एक कर्मी के जिम्मे पड़ रहा है। ऐसे में लोकसभा चुनाव के बीच आग से बचाव कर्मियों के लिए चुनौती बनेगा।
जिले के तीन तहसील, नौ ब्लॉक, एक नगर पालिका व छह नगर पंचायत में कहीं से भी आग की सूचना पर तत्काल पहुंचना फायर ब्रिगेड के लिए किसी चुनौती से कम नही है। इसके अलावा जिले के 730 ग्राम पंचायतों में आग लगने की सूचना के बाद समय से पहुंचना भी मुश्किल होता है। कभी कभार रास्ता न सही होने से भी फायर सर्विस की गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचने में लंबा समय लग जाता है। तब तक किसान अथवा जहां पर आग लगी होती है सब कुछ जलकर राख हो जाता है।
जिले के धनघटा व मेंहदावल तहसील में लंबे समय से अग्निशमन केंद्र का निर्माण चल रहा है। जो अभी तक बनकर तैयार नहीं हो पाया है। इसके वजह से खलीलाबाद मुख्यालय से गाड़ियां घटनास्थल के लिए रवाना की जाती हैं। इधर गर्मी बढ़ने और हवा तेज होने के बाद बाद आग लगने की घटनाओं में तेजी से इजाफा हो जाएगा। 25 मई को लोकसभा चुनाव भी जिले में होना है। ऐसे में चुनाव और आग लगने की घटना को काबू में करके नुकसान पर लगाम लगा पाना चुनौतीपूर्ण कार्य होगा।
नियतन से अधिक फिर भी चुनौती बरकरार
पद स्वीकृति रिक्त अतिरिक्त उपलब्ध
मुख्य अग्निशमन अधिकारी 0 0 0 0
अग्निशमन अधिकारी 1 1 0 0
अग्निशमन अधिकारी द्वितीय 2 1 0 1
फायरमैन 21 0 6 27
लीडिंग फायरमैन 3 0 3 6
फायर ब्रिगेड चालक 3 0 5 8
नोट- कुक अथवा कहार के दो और स्वीपर का एक पद रिक्त चल रहा है। इसके साथ ही अग्निशमन की पांच बड़ी और छोटी गाडियां उपलब्ध हैं जो किसी सूचना के बाद मौके पर पहुंचकर राहत बचाव का कार्य करती है। इनमें से एक गाड़ी को धनघटा और एक मेंहदावल में गर्मी के मौसम में रखा जाता है।
जरूरत पड़ने पर इन मोबाइल नंबर पर करें संपर्क
9454418814, 9454418813, 9454417382, 112
ये सावधानियां जरूरी
- हवा का रूख देखकर ही आग जलाएं
- बच्चों को माचिस आदि से न खेलने दें
- चूल्हें की आग को बिना पूरी तरह से बुझाए न फेकें
- घर, दुकान व संस्थान आदि में आग से बचाव के उपकरण लगाएं
- ज्वलनशील वस्तुओं के पास बालू से भरी बाल्टी अवश्य रखें
- जलती बीड़ी व सिगरेट कहीं पर भी न फेकें
- घटना होने पर तुरंत फायर सर्विस को सूचना दें
- समारोह के दौरान खुले में चूल्हा न जलाएं।
इन घटनाओं से हुआ है नुकसान
- 5 नवंबर 2021 को बरदहिया बाजार में कबीर आश्रम से संबंधित बने दुकानों में लगी आग को काफी प्रयास के बाद बुझाया गया।
- 19 नवंबर 2022 को नवीन मंडी खलीलाबाद स्थित कई दुकानों में भीषण आग लग गई। बस्ती से भी फायर टेंडर को बुलाकर आग पर काबू पाया गया। हालांकि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और लाखों रुपये का नुकसान व्यापारियों को उठाना पड़ा।
- 3 सितंबर 2023 को शहर के पुरानी सब्जी मंडी भिटवा टोला के पास इलेक्ट्राॅनिक की दुकान में लगी आग को काबू करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
- 30 सितंबर 2023 को हाईवे पर एक स्कूली बस में आग लग गई। जिस पर काबू पाया गया।
- पिछले दिनों नवीन सब्जी मंडी के पास किराने की दुकान में लगी आग से लाखों रुपये का नुकसान हुआ। कई गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
गर्मी में आग लगने की घटनाओं को काबू में करने के लिए टीमें पूरी तरह से तैयार हैं। फायर जैकेट के साथ मौजूदा संसाधन से आग बुझाया जाता है। लोकसभा चुनाव होना है। ऐसे में कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी काफी बढ़ गई है।
- अशोक कुमार यादव, अग्निशमन अधिकारी द्वितीय