बखिरा। क्षेत्र के मदारीजोत गांव के निकट मंगलवार को अज्ञात वाहन की चपेट में आने से साइकिल सवार छात्र की मौत हो गई। घटना के कुछ देर बाद आस-पास के लोग जुट गए। बाद में सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। छात्र की मौत से घर वालों का रो- रो कर बुरा हाल है। तरकुलवा गांव निवासी 13 वर्षीय ऋषिकेश पुत्र रमेशचंद विश्वकर्मा बखिरा स्थित एक विद्यालय में कक्षा छह में पढ़ता था। मंगलवार को वह साइकिल से डीजल लेने के लिए दुर्गजोत स्थित पेट्रोप पंप पर जा रहा था। अभी वह घर से करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित मदारीजोत गांव पहुंचा ही था। उसी दौरान विपरीत दिशा से गुजरे एक अज्ञात वाहन ने साइकिल सवार छात्र को अपनी चपेटे में ले लिया। हादसे में ऋषिकेश की घटना स्थल पर ही मृत्यु हो गई। घटना के बाद जब तक लोग पहुंचे,उसके पहले ही चालक वाहन लेकर भाग गया। सूचना पर छात्र के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। बेटे का शव देख कर पिता फफक पड़े। छात्र ऋषिकेश चार भाई बहनों में दूसरे नंबर पर था। पढ़ाई के साथ वह खेती में भी पिता का हाथ बंटाता था। खेत की सिंचाई करने के लिए पिता रमेश ने बेटे को डीजल लाने दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक पेट्रोल पंप पर भेजने की बात बताई। पिता को मलाल था कि यदि यह पता होता कि डीजल लेने गया बेटा जीवित नहीं बचेगा तो उसे कभी नहीं जाने देता। उधर मां अनीता बेटे के गम में दहाड़े मारकर रो रही थी। घटनास्थल से लेकर वह थाने तक बेटे के गम में घंटों रोती बिलखती रही। बेटे के गम में इस कदर व्याकुल हो गई थी कि मां अनीता ऋषिकेश के शव को पकड़कर रोने लगी। 15 वर्षीय बड़ी बहन सुधा व जुड़वां छोटे भाई सतीश व ओंकार भी भाई की मृत्यु पर रो रहे थे। एसओ रामभवन यादव ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पीड़ित परिजन की ओर से मिली तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।