इंसेफेलाइटिस प्रभावित 16 गांवों में 27 लोग बुखार से मिले पीड़ित
15 दिन के अभियान में मिले बुखार पीड़ितों का इलाज शुरू
खून का नमूना जांच के लिए भेजा गया, गांवों में दवा का हुआ छिड़काव
संतकबीरनगर। इंसेफेलाइटिस प्रभावित जिले के 16 गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीम विशेष नजर रख रही है। संचारी रोग अभियान में 15 दिन में 27 लोग बुखार से पीड़ित मिले हैं। बुखार पीड़ितों के खून के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। उपचार भी शुरू कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इन गांवों की नालियों में एंटी लार्वा का छिड़काव करा रहा है। 16 जुलाई से विशेष संचारी रोग व दस्तक अभियान चलाया जा रहा है। जिले में 16 ऐसे गांव चिह्नित हैं, जहां दस साल में जेई और एईएस के 35 मरीज मिल चुके हैं। इनमे आठ मरीजों की मौत हो चुकी है।
इंसेफेलाइटिस प्रभावित गांवों में 27 लोगों के बुखार पीड़ित मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम इन गांवों की नालियों व अन्य गदंगी की सफाई कराने में जुटा है। लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
एसीएमओ वेक्टर बार्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम डॉ. वीपी पांडेय ने बताया कि जेई-एईएस प्रभावित गांवों में जिन घरों में पहले जेई या एईएस से मौत हुई थी या फिर कोई दिव्यांग हुआ था, उनके घरों के लोगों के बारे में विशेष जानकारी ली गई है। गांव में 15 दिन तक चले अभियान में 27 लोग बुखार से पीड़ित मिले हैं।
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ये गांव हैं जेई-एईएस से प्रभावित
खलीलाबाद ब्लॉक के गिरधरपुर, मेंहदावल ब्लॉक के मेंहदावल कस्बा, गगनईराव, नाथनगर ब्लॉक के हरिहरपुर, महुली व नाथनगर, हैंसर बाजार ब्लॉक के हैंसर बाजार, रामपुर, बेलहर कला ब्लॉक के बेलहरकला, लोहरौली, गुनाखोर, बघौली ब्लॉक के नाऊडांड, पौली ब्लॉक के मुठहीकला, नारायनपुर तथा सेमरियांवा ब्लॉक के लहुरा देवा गांव जेई-एईएस से प्रभावित हैं।
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कोट
जेई-एईएस से प्रभावित 16 गांवों में विशेष संचारी रोग अभियान के दौरान 27 लोग बुखार से पीड़ित मिले हैं। गांवों में टीम भेजकर दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। बुखार पीड़ितों के खून के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
-डॉ. अनिरूद्घ सिंह, सीएमओ