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सम्मान पाने के लिए पांच जुलाई तक मांगी गई संस्तुतियां

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सम्मान के लिए पांच जुलाई तक मांगी गई संस्तुतियां
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38 विधाओं पर भी हिंदी की मौलिक पुस्तकों को मिलेगा सम्मान
एक संस्तुति पत्र पर एक ही सात्यिकार को मिलेगा पुरस्कार
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान ने वर्ष-2018 के सम्मानों के लिए पांच जुलाई तक संस्तुतियां आमंत्रित की है। यह जानकारी डीएम रवीश गुप्ता ने देते हुए बताया कि भारत-भारती, लोहिया साहित्य, हिंदी गौरव, महात्मा गांधी साहित्य, पं. दीनदयाल उपाध्याय साहित्य, अवंती बाई साहित्य, साहित्य भूषण, लोक भूषण, कला भूषण, विद्या भूषण, विज्ञान भूषण, पत्रकारिता भूषण, प्रवासी भारतीय हिंदी भूषण, बाल साहित्य भारतीय सम्मान, सौहार्र्द सम्मान, हिंदी विदेश प्रसार सम्मान, विश्वविद्यालय स्तरीय सम्मान, मधुलिमये साहित्य सम्मान, राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन सम्मान, विधि भूषण सम्मान तथा पं. श्री नारायण चतुर्वेदी साहित्य सम्मान के लिए साहित्याकारों/साहित्यिक संस्थाओं से संस्तुतियां पांच जुलाई तक ली जाएंगी। उन्होंने बताया कि संस्तुति प्रपत्र के साथ संस्तुतिकर्ता का स्पष्ट नाम व पता दूरभाष सहित तथा जिसके नाम की संस्तुति की जा रही है उसका जीवन वृत्त संस्तुति प्रपत्र के साथ संलग्न होना अनिवार्य है। एक संस्तुति प्रपत्र पर किसी एक साहित्यकार के नाम की संस्तुति ही मान्य होगी। निर्धारित तिथि के उपरांत प्राप्त संस्तुतियों पर विचार नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 38 विधाओं/विषयों पर वर्ष-2018 में प्रकाशित हिंदी की मौलिक पुस्तकें पुरस्कार के लिए आमंत्रित की गई है।
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