- 214 ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर तैयार
- सेमरियावां में सबसे अधिक 7 सरोवर अपूर्ण
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। वर्षा के जल संचयन और भूगर्भ जल स्तर को बनाए रखने के लिए ग्राम पंचायतों में बन रहे 14 अपूर्ण अमृत सरोवर का काम बारिश के कारण रुक सकता है। अभी तक 214 ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर बन कर तैयार हो सका है। जून तक सभी अमृत सरोवरों को पूर्ण करने विभाग का का दावा खोखला साबित हो रहा है।
जनपद के 730 ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर बनाने की शासन की मंशा है। मनरेगा के तहत 2023-24 में 228 ग्राम पंचायतों अमृत सरोवर बनाने का लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक 214 अमृत सरोवर का कार्य पूरा हो सका है। जबकि ग्राम पंचायत नाथनगर में स्वीकृत 26 अमृत सरोवर में 25 का कार्य पूर्ण हो चुका है जबकि एक अमृत सरोवर का कार्य शुरू ही नहीं हो सका है। वहीं विकास खण्ड सेमरियावां के 34 ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर बनने का लक्ष्य मिला है। जिसमें सबसे अधिक 7 अमृत सरोवर यहां अपूर्ण है। इसके अलावा मेंहदावल में 30 अमृत सरोवर के लक्ष्य के सापेक्ष 26 पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 4 अमृत सरोवर अपूर्ण हैं। बेलहर कला, नाथनगर और पौली में एक, एक अमृत सरोवर अपूर्ण है।
श्रम एवं रोजगार विभाग का दावा था कि जून के अंतिम तक सभी अमृत सरोवर का कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा। बारिश का सीजन शुरू हो चुका है। बारिश की गति तेज हुई तो अपूर्ण अमृत सरोवर का काम रुक सकता है। वर्षा के जल संरक्षण के लिए बन रहे अमृत सरोवर पर पक्की सीढ़ी, उसके पास गणतंत्र और स्वतंत्रता दिवस पर झंडारोहण करने के लिए चबूतरा बनना है। लोगों को बैठने के लिए बेंच, चारों तरफ फलदार, छायादार पौधे लगाने आदि काम होना है।
बारिश का जल संचयन और भूगर्भ में जल स्तर को समान बनाए रखने के लिए जनपद के 730 ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर बनाए जाने की मंशा है। जिसके तहत वर्ष 2023-24 में 228 ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर बनाने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। जिसमें अब तक 214 का काम पूर्ण हो चुका है, शेष 14 पर काम चल रहा है। काम में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। अपूर्ण अमृत सरोवरों के कार्य में अधिक विलंब होने पर संबंधित बीडीओ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-प्रभात कुमार द्विवेदी, उपायुक्त मनरेगा