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Jeeva Murder Case: जेल में बंद हैं चार आतिफ, किसी के भाई का नाम असलम नहीं, शूटर के दावे में झोल से चकराई पुलिस

Tue, 13 Jun 2023 10:01 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

विजय यादव ने दावा किया है कि असलम नाम के शख्स ने सुपारी थी। उसका भाई आतिफ लखनऊ जेल में बंद है। जेल सूत्रों के मुताबिक वर्तमान में लखनऊ जेल में चार आतिफ बंद हैं। इसमें से दो कानपुर व एक-एक महाराष्ट्र और गाजीपुर का रहने वाला है।
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Sanjeev Jeeva Murder Case - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लखनऊ कोर्ट में दिनदहाड़े कुख्यात संजीव जीवा की हत्या करने वाले शूटर विजय यादव के बयान पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। बयानों की पुष्टि की शुरुआती जांच में कई विरोधाभास सामने आए हैं। दरअसल लखनऊ जिला जेल में वर्तमान में आतिफ नाम के चार बंदी/कैदी बंद हैं। 
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इनमें से किसी के भाई का नाम असलम नहीं है। न ही संजीव व किसी आतिफ का विवाद सामने आया। इस वजह से विजय के बयान पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर ये किस असलम और आतिफ की बात कर रहा है। कहीं ऐसा तो नहीं साजिश के तहत ही ये बयान दिया गया है।

विजय यादव ने दावा किया है कि असलम नाम के शख्स ने सुपारी थी। उसका भाई आतिफ लखनऊ जेल में बंद है। जेल सूत्रों के मुताबिक वर्तमान में लखनऊ जेल में चार आतिफ बंद हैं। इसमें से दो कानपुर व एक-एक महाराष्ट्र और गाजीपुर का रहने वाला है।
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जब विजय का बयान आया तब जेल प्रशासन ने अपने स्तर से इस बारे में तहकीकात की, जिसके बाद ये जानकारी सामने आई। अब सवाल है कि क्या विजय ने फर्जी कहानी गढ़ी है। अगर ऐसा है तो क्यों? आशंका है कि जो उसका आका है उसी ने इस तरह की कहानी उसको बयां करने का हुक्म दिया था। इसलिए वह रटारटाया जवाब दे रहा है। फिलहाल जांच टीमें इस तथ्य के सत्यापन करने में जुटी है।
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आखिर विवाद कैसे संभव है
संजीव जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में रहता था। ऐसे में उसका किसी से विवाद होना कैसे संभव है। विजय ने दावा किया कि असलम ने उसको बताया कि संजीव ने उसके भाई आतिफ की दाढ़ी नोची थी। इसलिए बदला लेना है। ये बात गले नहीं उतर रही है।

वहीं सूत्रों के मुताबिक वह बिल्कुल भी अकेला रहता था। जेल में बंद कोई भी कैदी व बंदी उसका करीबी नहीं था। जेल प्रशासन की जानकारी में भी कोई वाद विवाद सामने नहीं आया। अगर ऐसा हुआ होता तो जानकारी होती।

हर वक्त सीसीटीवी कैमरे के निगरानी में था
संजीव की बैरक व उसके आसपास का पूरा एरिया सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में था। वह खूंखार गैंगस्टर की सूची में टॉप पर था। इसलिए जेल प्रशासन उसकी हर वक्त निगरानी करता था। अगर संजीव का किसी आतिफ से विवाद होता तो कैमरे में जरूर कैद होता। अभी तक ऐसा कोई भी फुटेज नहीं मिला है। तब भी गहनता से तहकीकात की जा रही है।

कोर्ट रूम में जीवा की हत्या
आपको बता दें कि पुलिस हिरासत में लखनऊ के एससीएसटी कोर्ट रूम में सात जून को दोपहर बाद मुख्तार अंसारी के बेहद करीबी कुख्यात अपराधी संजीव महेश्वरी उर्फ जीवा (50) की हत्या कर दी गई। वकील के लिबास में आए हमलावर ने कोर्ट रूम में ही रिवॉल्वर से ताबड़तोड़ छह राउंड फायरिंग की। 

इस दौरान दो पुलिसकर्मियों, एक डेढ़ साल की बच्ची व उसकी मां को भी गोली लगी। जीवा पर हमलावर ने पीछे से फायरिंग की। वारदात के बाद वकीलों ने दौड़कर हमलावर को दबोच लिया और पीटकर पुलिस को सौंप दिया। घायलों को ट्रामा में भर्ती कराया गया है। 
 
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वारदात के बाद आक्रोशित वकीलों ने प्रदर्शन कर पथराव कर दिया। जिसमें एसीपी चौक का सिर फट गया। कई वाहन भी छतिग्रस्त हो गए। आलाधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे तब हालात पर काबू पा सके।
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