चंदौसी। बहजोई थाना क्षेत्र के वर्ष 2019 के नाबालिग से दुष्कर्म और अपहरण मामले में शनिवार को न्यायालय ने फैसला सुनाया है। दोषी सूरज को आजीवन कारावास और एक लाख 15 हजार रुपये का अर्थदंड से दंडित किया गया है। अपराध में मददगार महिला रेखा को पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई और 15000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह के न्यायालय में हुई। घटना 18 जून 2019 को हुई थी। पीड़िता की मां ने बहजोई पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था कि उनकी 14 वर्षीय पुत्री कक्षा नौ की छात्रा सिलाई सीखने जा रही थी। उसी समय मोहल्ले की रेखा ने उसे बहाने से अपने घर बुला लिया। रेखा के घर में बैठा सूरज लड़की को बहला-फुसलाकर ले गया।
शाम तक पुत्री के घर न लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। उन्हें जानकारी मिली कि सूरज लड़की को मुरादाबाद ले गया है। सूरज ने अपने दोस्त को फोन कर पैसों की आवश्यकता बताई थी। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया।
रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने विवेचना शुरू की। लड़की की बरामदगी के बाद उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। पुलिस ने 29 सितंबर को सूरज और रेखा के विरुद्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष से एडीजीसी आदित्य सिंह ने साक्ष्यों के आधार पर बहस की।