मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंडल के जिलों के हस्तशिल्प उत्पादों का जिक्र कर सीधा रिश्ता जोड़ गए। उन्होंने अपने संबोधन में मुरादाबाद के पीतल, संभल के सींग के बटन, अमरोहा के ढोलक कारोबार का जिक्र किया। विकास के पथ पर दौड़ रहे गंगा एक्सप्रेसवे और मुरादाबाद हवाई अड्डे के जरिये भी लोगों को जोड़ने की कोशिश की। आस्था के सागर में डूबे पंडाल के बीच प्रस्तावित श्री कल्कि धाम के मंदिर की तस्वीर से सजे मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह 11:02 मिनट पर माइक संभाली।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दो महीने के भीतर मंडल में यह तीसरा दौरा था। इसमें दो बार ऐंचोड़ा कंबोह शामिल है। पिछले साल 23 दिसंबर को किसान दिवस पर योगी बिलारी आए थे। यहां उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया था। सोमवार सेे पहले 12 फरवरी को भी सीएम ऐंचोड़ा कंबोह आए थे।
आचार्य प्रमोद कृष्णम का भले ही कांग्रेस से अब नाता नहीं रहा है लेकिन उनकी दोस्ती कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से बरकरार है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि श्री कल्कि धाम के शिलान्यास समारोह में कई कांग्रेसी नेता शामिल होने पहुंचे। कार्यक्रम में कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा और जिलाध्यक्ष विजय शर्मा भी शामिल हुए।
राज्यसभा सांसद ने कहा कि वह शिलान्यास कार्यक्रम में भक्त के नाते आए हैं। इसमें राजनीतिक मसला नहीं है। आचार्य प्रमोद कृष्णम से राजनीतिक रिश्ते नहीं हैं। उनसे परिवार का रिश्ता है। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय शर्मा ने कहा कि वे राजनीतिक रिश्ते से नहीं शामिल हुए। आचार्य प्रमोद कृष्णम से पारिवारिक संबंध हैं। कल्कि धाम से मेरी आस्था जुड़ी है।
कांग्रेस पार्टी का कार्यकर्ता हूं और रहूंगा। वहीं शिलान्यास समारोह में बुलंदशहर की शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुकीं पूनम पंडित भी शामिल हुईं। इसके अलावा कई अन्य कांग्रेसी नेता भी कार्यक्रम में पहुंचे। वहीं आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि जो मेरे लोग हैं, वह मेरे साथ हैं। राजनीतिक दल महत्व नहीं रखता।