चंदौसी के गंगा मंदिर के बाहर महिला को पीटती कांस्टेबल। अमर उजाला
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कुलदेवी शीतला माता के बासोड़ा मेला में भीड़ नियंत्रित करने के लिए नियुक्त की गईं महिला कांस्टेबल हंगामे की वजह बन गईं। ब्रह्मबाजार स्थित शीतला माता मंदिर पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तैनात महिला कांस्टेबलों ने तू-तू मैं-मैं के बाद एक श्रद्धालु को डंडा मार दिया। इस पर श्रद्धालु ने एतराज जताया तो कांस्टेबलों ने आपा खो दिया।
एक कांस्टेबल श्रद्धालु को पीटने लगी तो महिला भी गुत्थमगुत्था हो गई। इस पर दूसरी कांस्टेबल भी साथी के पक्ष में भिड़ गई। इससे मेले में अफरा तफरी मची रही। मारपीट में दोनों महिलाएं घायल हो गईं।
इधर, महिला श्रद्धालु ने कुंडल छीनने तो महिला कांस्टेबल ने मंगलसूत्र लूटने का आरोप लगाया है। महिला कांस्टेबल की ओर से रिपोर्ट दर्ज कर दो महिला कांस्टेबलों का मेडिकोलीगल कराया गया है, जबकि व्यापारी की पत्नी ने की तहरीर पर भी देर रात रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
ब्रह्मबाजार कैथल गेट स्थित शीतला माता मंदिर पर बासोड़ा का मेला था। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए उन्हें नियंत्रित करने को महिला कांस्टेबल नितिन ताहर और रोहिणी सिंह की भी ड्यूटी लगाई गई थी।
बताते हैं कि मंदिर में भीड़ अधिक थी, तभी फड़याई बाजार निवासी व्यापारी सतीश वार्ष्णेय की पत्नी डौली वार्ष्णेय भी पूजा अर्चना करने पहुंचीं। यहां महिला कांस्टेबल नितिन चाहर ने उन्हें रोक दिया। कहा लाइन में ही आइये, तो वह दूसरे गेट से अंदर जाने लगीं। इस पर महिला कांस्टेबल ने आकर यहां भी उन्हेें रोक दिया। इस पर दोनों में नोकझोंक हो गई तो महिला कांस्टेबल ने डंडा मार दिया, जिससे डौली भी भड़क गई।
आरोप है कि, इसके बाद डौली और नितिन चाहर में मारपीट होने लगी। दोनों को गुत्थमगुत्था देख दूसरी महिला कांस्टेबल रोहिणी भी दौड़ आई और नितिन का साथ देने लगी। इसी बीच यहां मौजूद गणेश कालोनी की यशोदा पत्नी सर्वेश आदि भी डौली को बचाने दौड़ी। काफी देर के बाद दोनों महिलाओं को अलग किया गया। मारपीट में दोनों महिलाएं जख्मी हो गईं।