संभल में झोलाछाप के उपचार मौत के बाद मौके पर लगी भीड़।
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झोलाछाप की क्लीनिक पर उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई। मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने जब हंगामा और शोर शराबा करने का प्रयास किया तो आसपास के समझदार लोगों ने हस्तक्षेप कर दिया। परिजन महिला को लेकर अपने गांव चले गए। पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी गई है।
झंडे वाली महिला निवासी मायादेवी की तबीयत सोमवार को खराब हो गई। उसका भाई बाबू जो ततारपुर का निवासी है उसे बाइक पर बैठाकर उपचार के लिए संभल लेकर आ रहे थे। रास्ते में उन्हें किसी ने जानकारी दी कि पाली की मढ़ैया में एक क्लीनिक है जहां पर बेहतर उपचार होता है। वह अपनी बहन को लेकर क्लीनिक पर गया जहां झोलाछाप डाक्टर ने सुबह 10 बजे के करीब महिला को भर्ती कर लिया।
ग्लूकोज चढ़ाया और कुछ इंजेक्शन दिए। इसके कुछ ही देर में महिला की हालत बिगड़ने लगी। दोपहर में 1.30 बजे के करीब महिला ने दम तोड़ दिया। परिजन आक्रोशित हो गए पर कुछ बुजुर्गों ने हस्तक्षेप कर दिया। उन्होंने कहा कि महिला को घर ले जाओ। जिंदगी और मौत ईश्वर के अधीन है। वहीं बाबू के भाई अर्जुन सिंह ने बताया कि उनकी बहन की मौत इलाज में लापरवाही के कारण हुई है।