गुन्नौर। कोतवाली क्षेत्र के गांव ईसमपुर डांडा में नीचे तक लटके और झूलते बिजली के तार के करंट ने कमला देवी (50) की जान ले ली।
बुधवार सुबह करीब पांच बजे वह घर के पास बनी अपनी पशुशाला में घुसे छुट्टा पशु को बाहर निकालने का प्रयास कर रही थीं।
पशुशाला के बाहर से गुजर रही बिजली लाइन का एक झूलता तार उनके हाथ से छू गया। इस दौरान तेज करंट से झुलसकर उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतका के भतीजे विजयपाल सिंह ने बताया कि सुबह पांच बजे कमला देवी पालतू पशुओं को चारा डालने के लिए पशुशाला में दाखिल हुई थीं। उस वक्त उनके पति रमेश चंद्र सो रहे थे। पशुशाला में घुसे छुट्टा जानवर को बाहर निकालने के दौरान वह खुद भी बाहर तक आईं। इस बीच विद्युत लाइन के लटके तार से उनका हाथ छू गया।
तेज करंट से झुलसते ही वह चिल्लाईं तो पति रमेश जागकर उन तक गए। तब तक वह करंट से बेसुध होकर जमीन पर गिर चुकी थीं। परिजन आनन-फानन में उन्हें गुन्नौर सीएचसी ले गए, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गुन्नौर के कोतवाल संजय कुमार ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिवार की ओर से तहरीर मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
मृतका के भतीजे विजयपाल सिंह ने बताया कि पशुशाला के पास झूलते बिजली के तारों को सही कराने के लिए कई बार विद्युत निगम के कर्मचारियों से कहा था लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। निगम की यह लापरवाही उनकी चाची के लिए जानलेवा बन गई।
उधर, बिजली निगम के जेई सुरेंद्र कुमार वर्मा का कहना है कि ईसमपुर डांडा में करंट से मौत की घटना की जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि मौके से गुजर रही लाइन हटाने के बाद भी खेत में लोहे की तारकशी में करंट पाया गया। कुछ खेत स्वामी रात के समय छुट्टा पशुओं से फसल बचाने के लिए तारकशी में करंट छोड़ देते हैं। इस बिंदु की भी जांच की जाएगी। संवाद