आजादी के अमृत महोत्सव के तहत पांच जुलाई को तहसील क्षेत्र के असदपुर और सुकेला गांव के गंगातट पर 18 हेक्टेअर में हुए पौधरोपण में लापरवाही सामने आई है। 28800 में से सैकड़ों पौधे बिना रोपे मौके पर ही सूखने को छोड़ दिए। इसके अलावा अभियान के दस दिन के भीतर ही हजारों की संख्या में पौधे सिंचाई के अभाव में सूख गए। यहां बदायूं सांसद डॉ. संघमित्रा मौर्य और मुरादाबाद मंडलायुक्त डॉ. आंजनेय कुमार सिंह ने पौधरोपण कर अभियान की शुरूआत की थी। हालांकि वन विभाग पौधों की देखभाल करने दावा कर रहा है।
संभल जनपद में शासन ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में 2511418 पौधे रोपित करने का लक्ष्य मिला है। पांच जुलाई, छह जुलाई, सात जुलाई को पौधरोपण किया गया है। अब शेष लक्ष्य को 15 अगस्त के दिन पौध रोपित कर पूरा किया जाएगा। जनपद में गुन्नौर तहसील क्षेत्र के असदपुर और सुकेला गांव के गंगातट पर पांच जुलाई को बदायूं सांसद डॉ. संघमित्रा मौर्य व मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने पौधे रोपित कर कर्मचारियों के साथ ही स्थानीय लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधों को सुरक्षित रखने का संकल्प दिलाया। वन विभाग को 18 हेक्टेयर भूमि पर 28 हजार आठ सौ पौधे रोपित कराने का लक्ष्य दिया गया। पहले दिन विभाग ने भव्य कार्यक्रम आयोजित कर बड़े जोरशोर के साथ ही पौधरोपण कराया। इसके बाद यहां लौटकर नहीं देखा गया। अमर उजाला की टीम ने मौके पर जाकर हकीकत की पड़ताल की, तो नजारा कुछ और ही नजर आया।
लक्ष्य के अनुसार विभाग ने पौधे रोपने की जहमत नहीं उठाई। मौके पर बिना लगाए ही हरे भरे पौधों को लावारिस छोड़ दिया, जो अब सूख चुके हैं। पौधों के लिए मंगाई गई खाद के कट्टे भी मौके पर पड़े दिखाई। विभाग ने जितने पौधे लगाए हैं, उनमें से हजारों की संख्या में पौधे सिंचाई के अभाव में सूख गए हैं।
पौधे रोपने के साथ ही उनकी रोजाना देखभाल की जा रही है लेकिन गर्मी अधिक होने की वजह से पौधे सूख रहे हैं। जो पौधे सूखे हैं, उनकी जगह दूसरे पौधे लगाए जाएंगे।
नरेंद्र यादव, डिप्टी रेंजर
मैंने स्वयं असदपुर का निरीक्षण किया था। करीब 20 फीसदी पौधे सूखे हैं। उनमें अधिकांश बांस के पौधे हैं। जो शुरूआत में सूखते हैं और जड़ हरी है। फिर भी जो पौधे सूख हैं, उनके स्थान पर मैंने वन अधिकारियों को दूसरे पौधे लगाने के निर्देश दिए हैं। इसमें भी यदि अधिकारी लापरवाही करते हैं, तो उनके खिलाफ मैं स्वयं कार्रवाई करूंगा और लागत को वसूल किया जाएगा।
अरविंद कुमार, डीएफओ संभल