चंदौसी (संभल)। गेहूं की बुआई तेजी पकड़ने लगी है, लेकिन डीएपी और एनपीके न मिल पाने की वजह से किसान परेशान हैं। जनपद में 15 दिन बाद भी दोनों उर्वरकों में से किसी एक की भी व्यवस्था नहीं हो पाई है। सभी सहकारी समितियों और दुकानों पर डीएपी और एनपीके पूरी तरह से गायब हो चुकी है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी लगातार आश्वासन दे रहे हैं कि जल्द ही जिले में डीएपी व एनपीके आ जाएगी।
जिले में गेहूं की बुआई शुरू हो चुकी है, लेकिन एनपीके और डीएपी में से कोई भी उर्वरक जनपद में उपलब्ध नहीं है। करीब 15 दिन से बाजार और समितियों पर खाद मिल रही है। किसान खाद के लिए रोजाना समितियों के चक्कर लगा रहे हैं। लोगाें का कहना है कि जब आलू की बुआई शुरू हुई तो भी खाद के लिए परेशान होना पड़ा। अब गेहूं की बुआई के लिए भी खाद की व्यवस्था नहीं है। समितियों पर सिर्फ आश्वासन मिलता है। वहीं एआर कोऑपरेटिव वीरेंद्र प्रकाश उपाध्याय ने बताया कि एनपीके और डीएपी दोनों की मांग शासन को भेजी गई है। बीस नवंबर तक डीएपी और एनपीके की रैक लगने का अनुमान है। इस संबंध में शासन को पत्र लिखा गया है। वह लगातार कोशिश कर रहे हैं कि किसानों को गेहूं बुआई के लिए डीएपी या एनपीके मिल सके।
बोले किसान
एनपीके खाद के लिए कई दिन से भटक रहा हूं, लेकिन कहीं खाद नहीं मिल रही। ऐसे में गेहूं की बुआई पिछड़ रही है। जल्द ही प्रशासन को खाद की व्यवस्था करनी चाहिए।-भोजराज सिंह, गुमथल
हर साल रबी की फसल की बुआई के समय खाद की किल्लत रहती है। पहले आलू की बुआई के लिए समितियों के चक्कर लगाए। अब गेहूं की बुआई शुरू हुई तो भी खाद नहीं मिल रही। -रामकिशन, सोतीपुर