मृतक के पिता कोमिल ने बताया कैलाश की शादी दो साल पहले हुई हुई थी। उसके पास एक माह की बच्ची है। बताया कि छह माह पहले हत्यारोपी हमारे गांव में गाजियाबाद से लड़की भगाकर लाया था। जब गाजियाबाद की पुलिस आई तो वह मौके से भाग गया लेकिन पुलिस बेटे कैलाश को पकड़ कर ले गई। किसी तरह पुलिस को लड़की बरामद कराई, तब मेरा बेटा छूट कर आया।
इसी बात को लेकर हत्यारोपी के बहनोई से एक माह पहले कहासुनी भी हुई थी। लेकिन कैलाश को यह नहीं पता था कि जहां अपनी बहन का रिश्ता करने जा रहा है। उसी गांव में उसकी मौत की बजह बन जाएगी। ये बात उसके पिता बताते हुए रोने लगे। जब शाम को कैलाश का शव गांव आया तो काफी ग्रामीण एकत्रित हो गए। देर शाम गंगा घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। पत्नी नीतू रो-रोकर बुराहाल है।