चंदौसी (संभल)। आपसी विवाद के चलते परिवार न्यायालय में पति से तलाक की अर्जी देकर एक साल तक पति से अलग रह रही महिला की सोच संतान के मोह ने बदल दी। पति के साथ रह रही रही चार साल की बेटी को पाने के लिए महिला घर वापसी के लिए तैयार हो गई। पति भी इस फैसले से सहमत है। दंपती ने सप्ताह भर पहले कोर्ट पहुंचकर तलाकी अर्जी वापस लेने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है।
चंदौसी के एक मोहल्ला निवासी युवक का विवाह वर्ष 2018 में धनारी क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती से हुआ था। शादी के बाद सभी खुश थे। ये खुशी वर्ष 2019 में और भी दोगुनी हो गई, जब महिला ने एक बेटी का जन्म दिया। तीन वर्ष तक परिवार में सबकुछ ठीक चला। लेकिन 2022 में दंपती में विवाद होना लगा। विवाद इतना बढ़ा कि महिला नाराज होकर पति और करीब ढाई साल की बेटी को छोड़कर मायके चली गई। कुछ दिन मायके में रहने के बाद परिवार के लोगों ने दंपती को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। जिसके बाद दंपती ने आपसी सहमति से अलग रहने का फैसला ले लिया। दंपती ने मार्च 2023 में परिवार न्यायालय में वैवाहिक संबंध समाप्त कर तलाक की अर्जी दायर कर दी।
एक साल से अलग रह रहे थे दोनों
तलाक का मुकदमा दायर करने के बाद महिला मायके चली गई, जबकि उसकी ढाई साल की बेटी अपने पिता के साथ ही रही। करीब एक साल तक महिला पति और बेटी से अलग रही तो उसे अपनी गलती का अहसास हुआ। मां की ममता जागने के बाद महिला ने पति से मुलाकात कर गलती मानते हुए माफी मांगी और साथ रहने की इच्छा जाहिर की। युवक ने भी पत्नी की गलतियों को नजरअंदाज कर दिया।
चार माह से साथ में रह रहे हैं दोनों
गिले-शिकवे दूर होने के बाद पिछले कई चार माह से दंपती साथ में रह रहे हैं। पिछले सप्ताह उनके तलाक के मुकदमे की सुनवाई थी। दंपती ने परिवार न्यायालय में पहुंचकर बताया कि उनके बीच का विवाद समाप्त हो गया है। वह दोनों अब साथ में रह रहे हैं और उन्हें अब तलाक नहीं चाहिए। दंपती मिलकर बच्ची का भविष्य सवारेंगे। न्यायालय ने दंपती को साथ रहने की बात जानकर समझौता पत्रावली में दर्ज किया।