संभल। एक अप्रैल यानि आज से खरीदे जाने वाले गेहूं को लेकर क्रय केंद्रों की संख्या और स्थान तो प्रशासन ने तय कर दिया है, लेकिन तैयारियां अभी पूरी नहीं हो सकी हैं। इन केंद्रों पर गेहूं खरीद में प्रयोग होने वाली ई-पॉश मशीन, नमी मापक यंत्र तथा वारदाना आदि आना शेष है।
शासन ने खरीद शुरू होने से पहले ही सभी क्रय केंद्रों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के आदेश जारी किए थे। शासन के आदेश के तहत जिला प्रशासन ने भी सभी जिला प्रबंधकों व अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए तैयारियों को परखा था। उन्होंने एक अप्रैल से पूर्व सेंटरों पर व्यवस्था दुरुस्त करवाने के निर्देश दिए थे। डीएम के इस आदेश को अभी अधिकारी मानने को तैयार नहीं है। यही वजह है कि मंडी समिति में क्रय केंद्रों के नाम पर अभी कुछ भी नहीं दिख रहा है। मंडी समिति के टीन शेड खाली पड़े हुए हैं और इस बात की गवाही दे रहे हैं कि अभी धरातल पर सेंटर के नाम पर एक बैनर भी नहीं लगा है। ऐसे में एक अप्रैल से शुरू होने वाली खरीद को लेकर पूरा आदेश हवा में उड़ाया जा रहा है। बताते चले कि गेहूं की खरीद जिले के 61 क्रय केंद्रों पर होगी। सवाल यह भी उठता है कि जब तैयारी अधूरी है तो फिर इनका सत्यापन कैसे पूरा हो गया होगा। जबकि खरीद से पहले हर हाल में सत्यापन और केंद्र को जियो टैकिंग के माध्यम से जोड़ा जाना था। डिप्टी आरएमओ विजयेता सिंह ने बताया कि गेहूं की सरकारी खरीद के लिए जिले में 61 केंद्र स्वीकृत हुए हैं। इसमें खाद्य विभाग के 6, पीसीएफ के 40, पीसीयू के 12, यूपीएसएस के 2 और भारतीय खाद्य निगम का एक क्रय केंद्र शामिल हैं। खरीद पहली अप्रैल से ही शुरू कराई जाएगी।
आढ़तों पर होने लगी गेहूं की आवक सेंटरों पर अभी कोई तैयारी नहीं की गई है, तो वही मंडी समिति में गेहूं की आवक होने लगी है। शुक्रवार को मंडी समिति में कई व्यापारियों ने गेहूं की खरीद शुरू कर दी। मंडी समिति में गेहूं की अच्छी आवक देखी गई।
मौसम का मिजाज भांपकर शुरू हुई कटाई मौसम विभाग की ओर से 31 मार्च व एक अप्रैल को बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बुधवार को भी अचानक आसमान में बादल छा गए थे। मौसम के इस मिजाज को देखकर बेचैन किसानों ने खेतों में हाथ से गेहूं की कटाई को शुरू कर दी है, ताकि नुकसान से बचा जा सके।