संभल। जिले में सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों पर किसान परेशान हो रहे हैं। अगर सुधार नहीं हुआ तो वे मंडी समिति में औने-पौने दाम पर गेहूं बेचने के लिए मजबूर हो जाएंगे। मुबारिकपुर गांव निवासी किसान देशराज सिंह ने 24 अप्रैल को पीसीएफ के हजरतनगर गढ़ी क्रय केंद्र के लिए पंजीकरण कराया। तौल के लिए 7 मई का टोकन मिला। एक दिन पहले वह 6 मई को क्रय केंद्र पहुंचे तो मौजूद कर्मी ने उनसे कहा कि अभी बारदाना नहीं है। इंतजार करना पड़ेगा। तब से हर रोज वह क्रय केंद्र से संपर्क बनाए हुए हैं लेकिन तौल नहीं हो रही।
किसान देशराज सिंह ने बताया कि पहले से तैयारी करते हुए 5 मई को उन्होंने गेहूं को ट्रैक्टर ट्राली पर लोड कर लिया था। पांच दिन हो गए हैं तौल के लिए गेहूं ट्राली में लोड है। घर के हाते में ही ट्राली खड़ी है। क्रय केंद्र प्रभारी के बुलावे का इंतजार कर रहे हैं। यही हाल रहा तो औने-पौने में गेहूं बेचना पड़ेगा।
प्रभारी मिलते नहीं, ठेकेदारों के हवाले हैं क्रय केंद्र
चंदौसी। गेहूं की सरकारी खरीद का भाव 1975 रुपये प्रति क्विंटल है लेकिन बाजार में 1700-1800 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बिक्री हो रही है। चंदौसी और संभल मंडी में क्रय केंद्रों का बुरा हाल है। लंबे इंतजार के बाद तौल तो हो रही है लेकिन मौके पर क्रय केंद्र प्रभारी नहीं मिलते। किसानों को तौल के बाद भी घंटों इंतजार करना पड़ता है। ताकि तौल का ब्योरा ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड हो जाए और भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो सके।
चंदौसी मंडी समिति में आरफसी के दो क्रय केंद्र और मंडी परिषद के एक क्रय केंद्र पर दोपहर 12 बजे से 2.30 बजे तक तीनों क्रय केंद्रों में प्रभारी मौजूद नहीं थे। क्रय केंद्र ठेकेदारों और मजदूरों के सहारे चल रहे थे।
कई किसान तौल के लिए इंतजार कर रहे थे और जिन किसानों के गेहूं की तौल हो चुकी थी उन किसानों से कहा गया था कि वे तौल का ब्योरा साइट पर अपलोड कराने के लिए क्रय केंद्र प्रभारी के आने तक इंतजार करें। क्रय केंद्र प्रभारी कब आएंगे। इस सवाल पर जवाब मिला कि शाम को पांच बजे तक। इस स्थिति को लेकर किसानों ने आक्रोश जाहिर किया।