चंदौसी। कोरोना से बचने के लिए टीकाकरण व बचाव ही एकमात्र साधन है। कोरोना से बचाव का टीका आने पर शुरुआत में टीकाकरण की गति काफी धीमी रही। लोगों के अंदर टीकाकरण को लेकर भ्रांतियां थीं। शुरुआत में 60 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों को निशुल्क टीका लगाया गया। पर अधिकांश लोग टीकाकरण से बचते नजर आए। कोरोना की दूसरी लहर में टीकाकरण कराने वाले अधिकांश लोग सुरक्षित रहे। यदि कोई संक्रमित हुआ, तो उस पर संक्रमण का असर कम हुआ। यह देखकर लोगों में टीकाकरण के प्रति विश्वास जगा। साथ ही स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन व अन्य अधिकारी, कर्मचारी लगातार लोगों को टीकाकरण के प्रति जागरूक करते हैं। बाद में गति बढ़ गई। सबसे तेजी से टीकाकरण 12 साल से 14 साल आयु वर्ग के किशोरों ने कराया। तीन माह में ही शत प्रतिशत किशोरों ने कोरोना से बचाव का टीका लगवाकर जागरूकता और सजगता का संदेश दिया। दूसरा टीका भी तेजी के साथ लग रहा है। अब सभी आयु वर्ग के किशोर, युवा, महिला हो या बुजुर्ग सभी का एक ही संदेश कोरोना से बचाव का एक माध्यम उपाय टीकाकरण और एहतियात। टीकाकरण के बाद सभी यही कहते नजर आ रहे हैं कि हमने तो टीका लगवा लिया। अब आप भी टीकाकरण कराकर स्वयं को सुरक्षित कर लो।
लग गया।