संभल। हम अपने रंग में खुश हैं, तुम अपने रंग में खुश रहो। मंदिरों पर भगवा रंग होता है तो किसी को कोई आपत्ति नहीं है। मस्जिद जब से बनी है तब से मुस्लिमों के अधिकार में है। ऐसे में हिंदुओं के अधिकार की बात कहां से आ गई। इस मस्जिद से हिंदुओं का कोई लेना देना नहीं है। जो रंग इस मस्जिद में होता रहा है वही इस बार होना चाहिए। एएसआई और प्रशासन सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं। एएसआई ने अनुमति नहीं दी तो मस्जिद कमेटी को हाईकोर्ट जाना पड़ा। यह बात संभल के सपा विधायक इकबाल महमूद ने कही है।
दरअसल जामा मस्जिद की पुताई को लेकर अब बहस छिड़ी हुई है। हिंदू समुदाय की ओर से मांग की जा चुकी है कि मस्जिद का रंग हरा रहेगा तो भगवा भी किया जाए। यदि भगवा नहीं किया जाता है तो हरा भी नहीं किया जाए और सफेद ही पुताई रहे। इस बहस में विधायक ने कहा है कि हाईकोर्ट के आदेश पर एएसआई ने मस्जिद की पुताई शुरू कराई है। पहले से मौजूद रंगों को ही बरकरार रखा जाना चाहिए। आगे कहा कि भाजपा सरकार साजिशन मस्जिद को हाईलाइट कर रही है। विधायक ने न्याय पालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि हमेशा से संविधान के अनुसार न्याय मिला है। हमने बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भी स्वीकार किया था, लेकिन भाजपा-आरएसएस ने कहा था कि अगर फैसला उनके खिलाफ आया तो वे नहीं मानेंगे।