पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए है। हल्का लेखपालों को बाढ़ राहत चौकियों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए है। हालांकि अभी बाढ़ का खतरा भी कम है। लिहाजा प्रशासन पिछले वर्ष आई बाढ़ से हुए नुकसान को लेकर बेहद सतर्क है। उन स्थानों को ठीक कराया जा रहा है जिनकी वजह से पिछले वर्ष बाढ़ के हालात बने थे।
पहाड़ों पर लगातार भारी बारिश हो रही है, जिसका सीधा असर मैदानी भागों में बहने वाली प्रमुख व सहयोगी नदियों पर पड़ेगा। उत्तराखंड में भारी बारिश से गंगा नदी व उसकी सहयोगी नदियों में पानी बढ़ सकता है। जिसके बाद गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया।
गुन्नौर तहसील क्षेत्र के वे गांवों में जिनमें गंगा नदी के पानी बाढ़ आती है। वहां प्रशासन एहतियाती कदम उठाने शुरू की दिए है। क्षेत्र के हरिबाबा बांध धाम से लेकर जुनावई के गंगा नदी पर बने बांध की मरम्मत भी हो गई है। जिन स्थानों पर बांध की मिट्टी धस गई थी वहां मिट्टी डलवाकर उसे ठीक कराया गया है। साथ ही जिन कारणों से बाढ़ के हालात बनते है। उनके निपटने की तैयारी की जा रही है।
वहीं, तहसीलदार करम सिंह चौहान का कहना है कि बाढ़ नियंत्रण को लेकर प्रशासन सतर्क है। सभी हल्का लेखपालों को निगरानी के निर्देश दिए गए है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को दौरा कर निरीक्षण किया गया। नावों के लिए एक-दो दिन में अनुबंध कराया जाएगा।