बेल्थरारोड क्षेत्र के सहिया गांव में बढ़ता घाघरा का पानी।
गंगा का जलस्तर घटने के बाद भी रघुपुरपुख्ता के ग्रामीणों के लिए खतरा बरकरार है। गांव की सड़कों में जहां पानी हटा है वहीं गड्ढों में पानी भरा हुआ है। गांव के 50 किसानों की गन्ने और मक्के की फसलें डूबी हुई हैं। इससे गांव में संक्रामक रोगों का खतरा बना हुआ है।
गंगा का जलस्तर 24 घंटे के भीतर बाढ़ का पानी घटा है। लेकिन गुन्नौर क्षेत्र के रघुपुरपुख्ता गांव में बाढ़ से पैदा हुईं दुश्वारियां बरकरार हैं। निचले हिस्सों में खेत पानी से भरे हुए है। फसलें बर्बाद हो रही हैं। सरकारी स्कूल के सामने गड्ढा है और वहां पर दो से तीन फुट पानी है। इससे स्कूल में उपस्थिति प्रभावित है।
वही गांव के लोगों ने बताया कि बाढ़ का असर बना हुआ है। गांव में गोपाल सिंह, सौधन सिंह, मेघ सिंह, कुवंरपाल सिंह, मुन्नी सिंह, दीपू सिंह, रामवीर आदि के खेतों में बाढ़ के पानी से फसलें तबाह हो गईं हैं। इन किसानों ने तहसील प्रशासन से मुआवजा मांगा है। एसडीएम कृपाशंकर यादव ने कहा कि क्षति पूर्ति के लिए आंकलन कराया जा रहा है। जो किसान शासन की गाइडलाइन के अनुसार पात्र होंगे उन्हें ही मुआवजा मिल सकेगा।
तहसीलदार ने बताया कि पानी घटने के बावजूद रघपुर पुख्ता में लेखपाल की ड्यूटी रहेगी ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटा जा सके। उन्होंने बताया कि जो लेखपाल यहां पर अब तक थे उन्हें ट्रेनिंग पर भेजा गया है। उनके स्थान पर दूसरे लेखपाल तैनात कर दिए गए हैं। बाढ़ की स्थिति जानने के लिए गुन्नौर का प्रशासन नरौरा स्थित गंगा के पुल पर बने नहर विभाग के आफिस से संपर्क बनाए हुए है। पिछले चौबीस घंटे में जल प्रवाह घटा है।