चंदौसी(संभल)। वर्ष 2012 में बहजोई में जिला मुख्यालय को लेकर हुए बवाल के मामले में न्यायालय ने 59 नामजद आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी किए हैं। वारंट मिलते ही बहजोई पुलिस कार्रवाई की तैयारी में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2011 में बसपा सरकार के दौरान मुख्यमंत्री मायावती ने संभल में जनसभा के दौरान जिला भीमनगर की घोषणा कर बहजोई को अस्थायी मुख्यालय बनाया था। वर्ष 2012 में सपा सरकार आने के बाद जिले का नाम संभल कर दिया गया, जिसके बाद मुख्यालय को लेकर संभल और बहजोई में आंदोलन तेज हो गया।
27 जुलाई 2012 को बहजोई में आंदोलन के दौरान सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए। चंदौसी-अलीगढ़ रोड जाम किया गया, रोडवेज बस में तोड़फोड़ की गई और पुलिस पर पथराव हुआ। उपद्रवियों ने पुलिस सहायता केंद्र में आगजनी भी की।
इस मामले में पुलिस ने 62 नामजद और 200-250 अज्ञात के खिलाफ बलवा, आगजनी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना के बाद नामजदों की संख्या 125 से अधिक हो गई और आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
मामला मुरादाबाद से स्थानांतरित होकर चंदौसी स्थित एसीजेएम न्यायालय में पहुंचा, जहां से अब 59 आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी किए गए हैं।
इनके खिलाफ हुए वारंट जारी
बहजोई दंगे में न्यायालय ने बहजोई और आसपास गांव के कपिल दीवाना, अमित गोस्वामी, अन्नू, योगेश, धर्मेंद्र, ललित शर्मा, योगेश शर्मा, छोटू, बंटी, अनिल, सतीश, प्रमोद, कौशल, कपिल, अरविंद, दिनेश, विनेश, रामप्रसाद, राजेश, सत्य कुमार, सचिन, सौरभ, मनोज, रमेश जयपाल, सोनू, ब्रजमोहन, अजय, संजीव, सुरेश, अमित, सुनील, बुद्धि, मुकेश, संजीव, मुन्नू, किशन बाबू, उस्मान, कल्लू, दिनेश, मोहन, मुकेश कुमार, वीरपाल, प्रेम सिंह, राहुल, जितेंद्र, वीरेश, कमल, अमरीश, लाला उर्फ जनार्दन, टीटू, सत्येंद्र, सचिन, कपिल, राहुल, अनुज समेत सभासद आदि के खिलाफ वारंट जारी किए गए हैं।