संभल। जिले में 1331 वक्फ संपत्तियां हैं। इन संपत्तियों का ब्योरा जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) को भेजा जा चुका है। बिंदुवार जानकारी जिला प्रशासन से मांगी गई थी। डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने एडीएम प्रदीप कुमार वर्मा की अध्यक्षता में एक टीम बनाकर इसका ब्योरा खंगलवाया। इसके बाद यह जानकारी जेपीसी को दी गई।
अब जिला प्रशासन इन संपत्तियों की स्थिति का भी आकलन कराएगा। जिससे यह जानकारी स्पष्ट हो सके कि इन संपत्तियों को खुर्द बुर्द तो नहीं किया गया है। डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि जेपीसी को बिंदुवार जानकारी दी जा चुकी है जो मांगी गई थी। जिले में कुल संपत्तियों का ब्योरा भी तैयार हो गया है।
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संभल, चंदौसी और गुन्नौर तहसील में सुन्नी और शिया वक्फ बोर्ड की 1331 संपत्तियां हैं। इन संपत्तियों पर कब्रिस्तान, मस्जिद, मदरसे, ईदगाह, कृषि भूमि और दुकानें व मकान तक दर्ज हैं। जिले की तीनों तहसील में 787 संपत्तियां कब्रिस्तान की हैं। 268 संपत्तियों पर मस्जिदें बनी हुई हैं। 25 ईदगाह की संपत्तियां हैं। नौ मदरसे भी वक्फ संपत्ति पर बने हैं। इन 1331 वक्फ संपत्तियों में 27 संपत्तियां ही शिया वक्फ बोर्ड की दर्ज हैं। अन्य 1304 संपत्तियां सुन्नी वक्फ बोर्ड की हैं।
जिले की इन तहसील में इतनी संपत्तियां दर्ज हैं- संभल-
कब्रिस्तान - 509
मस्जिद - 207
कृषि भूमि/मकान व दुकान - 61
जयारत / मजार / मकबरा - 34
ईदगाह -17
मदरसा - 9
इमामबाड़ा - 7
दरगाह - 1
चंदौसी-
कब्रिस्तान - 132
मजिस्द - 35
कृषि भूमि/मकान व दुकान - 10
ईदगाह - 5
जियारत - 4
मकबरा - 2
तकिया - 1
गुन्नौर-
कब्रिस्तान 140
मस्जिद- 17
ईदगाह- 3
मकबरा- 3
इमामबाड़ा-1
दरगाह- 1
कृषकों के नाम- 106
शिया वक्फ बोर्ड की संपत्ति-
कब्रिस्तान - 6
मस्जिद- 9
मकान व दुकान- 5
इमामबाड़ा - 5
कर्बला- 1
कृषि भूमि-1
वक्फ संपत्तियों में गोलमाल, मुतवल्ली हो गए मालामाल
संभल में सबसे ज्यादा वक्फ संपत्तियों में गोलमाल किया गया है। इन संपत्तियों को बेच दिया गया। पूरा खेल किया जाता रहा है। जबकि वक्फ संपत्ति को बेचा नहीं जा सकता है। यह राज भी तब खुला जब जामा मस्जिद के नजदीक बन रही सत्यव्रत पुलिस चौकी को वक्फ संपत्ति में निर्माण किए जाने की चर्चा हुई। हालांकि वह जमीन नगर पालिका की निकली। इसके बाद ही 20 संपत्तियों के दस्तावेज प्रशासन को मिले। जो फर्जी बताए गए। उस समय जानकारी सार्वजनिक हुई कि वक्फ संपत्तियों को तो बेचा तक गया है। धारा 80 तक किया गया। जो पूरी तरह गलत है। वक्फ संपत्तियों के मुतवल्ली इन संपत्तियों को बेचकर मालामाल हो गए।
दो तरह की होती हैं वक्फ संपत्तियां- वक्फ अल औलाद- यह ऐसी संपत्ति होती है जिसे कोई व्यक्ति मुस्लिम समुदाय को दान में देता है। इसका मकसद किसी व्यक्ति या परिवार के कल्याण के लिए होता है।
वक्फ अलल खैर-
यह ऐसी संपत्ति होती है जिसका मालिक कोई नहीं होता। इसका मकसद आम जनता के कल्याण के लिए होता है। इस संपत्ति की देखभाल की जिम्मेदारी वक्फ बोर्ड की होती है। वक्फ बोर्ड इस संपत्ति के लिए एक प्रबंधक यानी मुतवल्ली नियुक्त करता है।
कोट
- हमने जिले की सभी वक्फ संपत्तियों का ब्योरा तैयार कराया था। जो जेपीसी को भी भेजा गया है। जिन बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी वह दे दी गई है।- डॉ. राजेंद्र पैंसिया, डीएम, संभल