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वक्फ संशोधन विधेयक हक देने नहीं है, बल्कि छीनने के लिए : बर्क

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सांसद जियाउर्रहमान बर्क। - फोटो : सांसद जियाउर्रहमान बर्क।
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संभल। वक्फ संशोधन विधेयक पर विचार करने वाली संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट पेश होने पर संभल सांसद ने प्रतिक्रिया दी है। बृहस्पतिवार को सांसद ने दीपा सराय स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, यह संशोधित वक्फ बिल हमारे अधिकारों को दिलाने के लिए नहीं, बल्कि छीनने के लिए है।
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सांसद ने कहा कि हम और हमारी पार्टी पहले भी इस विधेयक के विरोध में थी और आज भी विरोध दर्ज कर रहे हैं। क्योंकि जेपीसी में विपक्ष के सदस्य और स्टेक होल्डर्स की राय को नजरअंदाज किया गया। सांसद ने कहा है कि यह विधेयक असंवैधानिक है और हमारी संस्थाओं में दखल अंदाजी करके उन पर कब्जा करने के लिए हैं। जो की बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम अपने धार्मिक स्थल और संस्थाओं के साथ खिलवाड़ होने नहीं देंगे।
कहा कि मुस्लिम समाज भी इस देश का हिस्सा है हमारे बुजुर्गों ने भी देश को आजाद कराने के लिए जान माल की कुर्बानी दी है। हम चाहते हैं इस देश में संविधान के अनुसार सभी धर्म के लोगों को उनका हक मिलना चाहिए। जिससे देश की तरक्की हो सके। सासंद ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं यह काला विधेयक संसद से पास नहीं होगा। अगर पास होता है तो हम देश के मुस्लिम समाज के हक के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। वहां इंसाफ मिलेगा।
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