संभल। गांव मुजफ्फरपुर में बृहस्पतिवार को विकास कार्यों में घपलेबाजी की जांच करने पहुंची टीम पर सांठगांठ का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। विरोध प्रदर्शन करके जांच सही से न करने का आरोप लगाया। यही नहीं, ग्रामीणों ने जिला पूर्ति अधिकारी की गाड़ी का घेराव किया और जांच पूरा करने की मांग की। हालांकि, हंगामा के चलते अधिकारी आधी-अधूरी जांच के बाद लौट आए।
गांव मुजफ्फरपुर के ग्रामीणों ने एक माह पूर्व डीएम डॉ. राजेंद्र पैन्सिया से विकास कार्यों में धांधली की शिकायत की थी। डीएम ने जिला पूर्ति अधिकारी शिवि गर्ग और सहायक अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को मामले की जांच करने के निर्देश दिए थे। बताया कि बृहस्पतिपवार को टीम गांव पहुंची और सचिवालय पर जांच शुरू की। शिकायतकर्ताओं ने प्रधान के इशारे पर जांच आगे बढ़ाने का आरोप लगाते हुए लेकर हंगामा कर दिया। इस दौरान अधिकारियों से ग्रामीणाें की नोकझोंक भी हो गई। जिस पर टीम आधी-अधूरी जांच करके वापस लौट गई। शिकायतकर्ताओं ने कई रास्ते पर सीसी टाइल्स का निर्माण न होने के बाद भी धनराशि निकाली गई है। साफ-सफाई के नाम पर भी हजारों रुपये निकाले गए। पानी की व्यवस्था नहीं है। बावजूद इसके प्रधान के इशारे पर जांच हो रही थी, इसे कैसे निष्पक्ष कहा जाए। उच्च स्तरीय अधिकारियों से जांच कराने की मांग की गई है। इस दौरान विजयलक्ष्मी, लौंगश्री, भागवती, रिंकी, ओमवती, राजवती, महेंद्र, पिंटू, सत्यभान सिंह, वीकेश, अंकित कुमार, नरेश, किरनपाल सिंह, वीरेंद्र सिंह, राधेश्याम, महेंद्र सिंह, विजयपाल, जगजीवन, नन्हे सिंह, रामसेवक, कल्लू सिंह आदि रहे।
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कोट
दोनों पक्ष के लोगों को बुलाया गया था। हंगामा नहीं हुआ है और न नोकझोंक हुई है। शिकायतकर्ताओं के बयान ले लिए हैं और मौके पर जाकर जांच कर ली है। इसकी रिपोर्ट बनाकर अधिकारियों को भेज दी जाएगी। -शिवि गर्ग, जिला पूर्ति अधिकारी, संभल