जुनावई। थाना क्षेत्र के ग्राम असदपुर और उसके आसपास के इलाकों में बीते तीन दिनों से तेंदुए की लगातार आहट से छाया दहशत का माहौल शुक्रवार को कुछ कम हुआ। शुक्रवार को दिनभर तेंदुआ कहीं नजर नहीं आया। हालांकि ग्रामीण अकेले खेतों पर जाने से कतरा रहे हैं और झुंड बना कर ही खेतों पर जा रहा हैं।
थाना क्षेत्र के असदपुर गांव के आसपास पिछले तीन दिनों से ग्रामीणों के द्वारा लगातार तेंदुआ देखने का दावा किया जा रहा था। तेंदुआ कभी खेतों के किनारे तो कभी झाड़ियों के आसपास चहलकदमी करता दिखाई दे रहा था। इस खबर के फैलते ही पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। तेंदुए के हमले के डर से ग्रामीणों ने अपनी दिनचर्या बदल दी थी। सबसे ज्यादा असर खेती-किसानी के काम पर पड़ा। डर की वजह से किसानों ने खेतों में जाना और मवेशियों के लिए चारा लाना तक बंद कर दिया था।
शुक्रवार को जब सुबह से लेकर शाम तक गांव या खेतों के आसपास तेंदुआ कहीं दिखाई नहीं दिया, तो ग्रामीणों के चेहरे पर छाई चिंता कुछ कम हुई और उन्होंने राहत की सांस ली। हालांकि, राहत मिलने के बावजूद गांव के बुजुर्गों और प्रबुद्ध लोगों ने ग्रामीणों को अभी पूरी तरह सतर्क रहने सलाह दी है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक यह पूरी तरह साफ न हो जाए कि वन्यजीव क्षेत्र से दूर चला गया है, तब तक खेतों में अकेले जाने से बचना चाहिए और रात के समय सतर्कता बरतनी चाहिए।
वहीं ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए और यदि तेंदुआ आसपास ही मौजूद हो, तो उसे जल्द से जल्द पकड़ कर सुरक्षित स्थान पर भिजवाया जाए। ताकि किसान बिना किसी डर के अपने खेतों पर काम कर सकें।
वन क्षेत्राधिकारी बृज मोहन सिंह ने बताया शुक्रवार को क्षेत्र में तेंदुआ की गतिविधि नहीं देखीं गई है। फिर भी असदपुर क्षेत्र में पिंजरा लगा हुआ है और विभाग की टीम गश्त कर रही है।