आचार संहिता के पालन में सरकारी कर्मचारियों ने जनप्रतिनिधियों की निधि से जो स्वागत द्वार बनाए गए थे उनमें लगे जनप्रतिनिधियों के फोटो पर कहीं कालिख पोती गई है तो कहीं सफेदी लगाई गई। इसका जनप्रतिनिधियों ने जहां विरोध किया है, वहीं समर्थक आक्रोशित हैं।
मोहम्मदपुरटांडा में चंदौसी क्षेत्र की विधायक लक्ष्मी गौतम की निधि से स्वागत द्वार बना हुआ है। इस द्वार पर दो दिन पहले कालिख पोती गई है। मौके पर लोगों ने बताया कि कुछ सरकारी कर्मचारी कालिख पोत कर गए हैं। कालिख पोतने वाले आचार संहिता का पालन कराने के क्रम में यह किए जाने की बात कह रहे थे। वहीं, नरौली नगर पंचायत की चेयरमैन इंद्रेश कुमारी ने नरौली में स्वागत द्वार बनवाया है। इस पर लगे इंद्रेश कुमारी के चित्र पर पहले कालिख फिर सफेदी पोती गई।
प्याऊ पर लगे विधायक के चित्र पर सफेदी पोती गई ः संभल। प्याऊ पर लगे विधायक के चित्र पर सफेदी पोती गई है। यह प्याऊ चंदौसी और संभल के बीच मुख्य मार्ग पर जनेटा में लगा हुआ। इसे विधायक विकास निधि से बनाया गया था।
चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले प्याऊ पर विधायक का चित्र था लेकिन जैसे ही आचार संहिता लागू हुई वैसे ही इस पर सफेदी पोती गई है।
प्रशासन को कालिख पुतवाने का हक नहीं
संभल। चंदौसी की सपा विधायक लक्ष्मी गौतम ने कहा कि विधायक विकास निधि से स्वागत द्वार बनवाए गए थे। विधायक विकास निधि का मतलब यह है कि जनता के पैसे से द्वार बना जिसमें फोटो लगा था। अगर प्रशासन को चुनाव आचार संहिता का पालन कराना था तो गेट को ढका जा सकता था। जिला प्रशासन के अधिकारियों से शिकायत की है यदि दोबारा से गेट सही करके नहीं लगाया गया तो निर्वाचन आयोग में शिकायत करूंगी।
डीएम बोले-
डीएम भूपेंद्र एस चौधरी का कहना है कि अगर जनप्रतिनिधियों के चित्र पर कालिख पोती गई है तो यह गलत है। कालिख पोतने का हक किसी को नहीं है। इस बारे में वह जांच कराएंगे। इसके बाद अगली कार्रवाई होगी।