संभल। उत्तराखंड के चमोली जिले में आई प्राकृतिक आपदा के बाद जिले में गंगा किनारे के गांवों में अभी बाढ़ खतरा नहीं है। रविवार की पूरी रात एसडीएम गुन्नौर राजस्व टीम व पुलिस के साथ क्षेत्र में घूमते रहे। नदी का प्रवाह कम होने की वजह से गांवों को अभी खाली नहीं कराया गया है, लेकिन प्रशासन अलर्ट है। लेखपाल व पुलिस क्षेत्र में डेरा डाले हुए हैं। साथ ही ग्रामीणों को गंगा किनारे न जाने की सलाह दी गई है। साकरा घाट पर पुल का निर्माण कार्य रुकवा दिया गया है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर रविवार की रात को एसडीएम गुन्नौर प्रेमचंद्र, तहसीलदार सुधीर कुमार, सीओ गुन्नौर केके सरोज गुन्नौर, रजपुरा पुलिस जुनावई क्षेत्र के गांव में डेरा डाले हुए हैं। टीम रविवार की रात रघुपुर पुख्ता, बझांगी, काशीपुर, खिरकबारी, में घूमती रही। प्रशासन ने गांव रघुपुर पुख्ता, बझांगी को खाली कराने की योजना बना ली थी, लेकिन नदी का प्रवाह कम होने की वजह से गांव खाली नहीं कराए गए हैं। हालांकि, ग्रामीणों को सलाह दी गई कि वे अपना सामान समेटकर रखें। सोमवार को दिनभर प्रशासनिक व पुलिस टीम रघुपुर पुख्ता, बझांगी, सालिंग की मड़ैया, नरूपुरा, उदिया नंगला, भावरू की मडैया, तोतापुर, मेंगरा, साधुमणि गांव में घूमती रही।
लेखपालों ने गांवों में कराई मुनादी
जुनावई। बाढ़ आशंकित गांवों में लेखपाल प्रमोद कुमार, सुनील कुमार, ओंकार सिंह ने मुनादी कराई। इसके माध्यम से ग्रामीणों को बताया कि वह किनारे क्षेत्रों में न जाएं। गंगा में पानी बढ़ने का खतरा अभी टला नहीं है। जरूरी सामान समेट कर रखें। किसी भी समय गांव रघुपुर पुख्ता व बझांगी को खाली करना पड़ सकता है।
साकरा घाट पर रुकवाया पुल का निर्माण
जुनावई। गुन्नौर तहसील के गांव रघुपुर पुख्ता से अलीगढ़ क्षेत्र के गांव साकरा घाट तक गंगा पर पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। राजस्व विभाग की टीम ने पुल निर्माण कार्य रुकवा दिया है। वहां काम कर रही टीम को वापस भेज दिया गया है। साथ ही पुल निर्माण के लिए वहां रखे सामान व अन्य मलबे को भी हटवा दिया है।
हरिद्वार से पानी छूटते ही नरौरा से छोड़ा जाएगा पानी
चंदौसी। बिजनौर बैराज और नरौरा बैराज पर बाढ़ खंड और सिंचाई विभाग की ओर से पानी एकत्र रखा जाता है। इस आपदा में यदि हरिद्वार से पानी छोड़ा जाता है, तो तुरंत ही बिजनौर और नरौरा बैराज के फाटक खोल दिए जाएंगे। नरौरा बैराज से 1.40 लाख पानी क्यूसेक पानी छोड़ने पर गांवों में पानी घुस जाएगा।
आपदा का खतरा कम हो गया है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। क्षेत्र में अलर्ट है। लोगों को गंगा किनारे न जाने की सलाह दी गई है, आपदा की स्थिति में लोगों से सामान समेटकर सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। राजस्व व पुलिस की टीम लोगों को गंगा किनारे की ओर न जाने की सलाह दे रही है।
प्रेम चंद्र, एसडीएम गुन्नौर
गंगा घाट पर लोगों को किया सचेत
गुन्नौर। बबराला नागरिक सुरक्षा नरौरा के चीफ वार्डेन योगेंद्र सिंह यादव ने राजघाट गंगा घाट पर पहुंच कर उत्तराखंड आपदा को लेकर लोगों को गंगा के जल स्तर में होने वाली संभावित बढ़ोतरी को लेकर समझाया तथा सचेत रहने की सलाह दी। कहा कि गंगा तट से दूरी बनाए रखे। सभी को सावधानी बरतने की जरूरत है। गंगा की रेती मे खेती कर रहे लोगों को उधर न जाए। साथ ही अफवाहों पर ध्यान न देने की बता कही। जल स्तर में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुयी है।