बहजोई। फर्जी अस्पताल में डिलीवरी के बाद महिला की मौत पर परिजनों ने हंगामा कर दिया। इस बीच चिकित्सक व स्टाफ अस्पताल छोड़कर भाग गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना की जांच-पड़ताल की। वहीं नोडल अधिकारी ने कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया। एसडीएम ने भी पूरे मामले का संज्ञान लिया।
नगर में गांव चितनपुर रोड वाले अनाज मंडी के द्वार के निकट स्थित मेरठ हेल्थ केयर सेंटर नाम के बोर्ड लगे एक अस्पताल में डिलीवरी के बाद गांव बहापुर पट्टी निवासी महिला सोनी (25) पत्नी जगत सिंह की मौत हो गई। इससे अस्पताल में परिजनों ने हंगामा कर दिया। सूचना पर प्रभारी इंस्पेक्टर पंकज लवानियां व सिटी इंचार्ज सतेंद्र सिंह भी मय पुलिस के मौके पर पहुंच गए और घटना की जानकारी ली। मृतका की ननद रूपकुमारी ने बताया कि बीती 21 जून को उसकी गर्भवती भाभी सोनी को डिलीवरी के लिए निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था। उस दिन चिकित्सक ने भाभी का ऑपरेशन करते हुए डिलीवरी की। इसमें भाभी ने दो बेटियों को जन्म दिया।
ऑपरेशन से डिलीवरी के चिकित्सक ने पचास हजार रुपये लिए थे। इसके अलावा 7 हजार रुपये ब्लड चढ़ाने के लिए लिए थे। उस दिन एक बेटी की मौत हो गई। बाद में भाभी की तबियत बिगड़ती गई। अब 23 जून को भाभी की तबयत और बिगड़ी तो रेफर करते हुए चिकित्सक भाभी को अपने साथ किसी अन्य अस्तपाल में ले गया। इस बीच चिकित्सक ने उसके भाई को भी साथ में ले लिया।
शाम के समय भाभी ने दम तोड़ दिया। अब एक बेटी बची है। उसकी भी तबीयत ठीक नहीं है। भाभी की मौत के बाद अस्पताल स्टाफ मौके से भाग गया। साथ में दवाएं व अन्य उपकरण भी साथ ले गए। इस बीच मौके पर आसपास के लोगों की भीड रही। परिजन भी गमगीन रहे।