जल जीवन मिशन के अंतर्गत चिरौली भगवंतपुर गांव स्थित डिग्री कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण को लेकर डेढ़ घंटे हंगामा हुआ। हंगामा की वजह यह रही कि चार आवेदकों को प्रशिक्षण में शामिल किया जाना था, पर मौके पर आवेदक ज्यादा पहुंच गए। सभी प्रशिक्षण में शामिल होना चाह रहे थे। इसी बात पर हंगामा शुरू हो गया। पुलिस को बुलाया गया। इसके बाद प्रत्येक ग्राम पंचायत के चार आवेदकों को प्रशिक्षण हॉल में प्रवेश दिया गया। ब्लॉक की 103 ग्राम पंचायतों से 412 लोगों का इलैक्ट्रीशियन और प्लंबर का प्रशिक्षण दिया गया है।
प्रत्येक ग्राम पंचायत में जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए ओवरहैड टैंक का निर्माण कार्य चल रहा है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में 13 कुशल कारीगरों को देखरेख के लिए लगाया जाएगा। ट्रेनर दीपक कुमार द्विवेदी ने बताया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत से 13 कुशल कारीगरों को ट्रेनिंग दी जा रही है। ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव द्वारा भेजी गई सूची के अनुसार आवेदकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसमें आईटीआई और जीटीआई के आवेदकों को वरीयता दी जा रही है।
प्रत्येक ग्राम पंचायत में तीन राजमिस्त्री, दो इलेक्ट्रीशियन, दो फिटर मैन, दो ऑपरेटर, दो प्लंबर और दो मोटर मकैनिक को रखा जाएगा। इसी के प्रशिक्षण के लिए शुक्रवार को पवांसा ब्लॉक क्षेत्र की 103 ग्राम पंचायतों से चार-चार आवेदकों को बुलाया गया था। इसमें दो इलैक्ट्रीशियन और दो प्लंबर शामिल होने थे लेकिन प्रशिक्षण के लिए आवेदक ज्यादा पहुंच गए और मौके पर हंगामा हो गया। ट्रेनर का कहना है कि ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव अपनी मोहर और हस्ताक्षर करके आवेदक कर्ताओं को दे रहे हैं और वह प्रशिक्षण में शामिल होने आ रहे हैं। जबकि जो सूची पहले दी गई उसी को फीड कर लिया गया है। उसी के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाना है।