संभल हिंसा के मामले में पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई के कोर्ट में बयान दर्ज किए गए। इस बीच साढ़े छह घंटे तक जिरह हुई। इस दौरान अभियुक्तों की ओर से पांच अधिवक्ताओं ने अपना पक्ष रखा।
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संभल की शाही जामा मस्जिद के हरिहर मंदिर होने के दावे के मामले में 24 नवंबर 2024 को हुए सर्वे के दौरान हुई हिंसा में पांच लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि एक का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया था। घटना के दाैरान एसपी बिश्नोई के दोनों पैरों में छर्रे लगे थे।
इस मामले में थाना नखासा में पुलिस की ओर से गुलबुद्दीन आदि के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया था। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि सोमवार को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह के न्यायालय में एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के बयान दर्ज हुए।
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दोपहर 12 बजे से शाम के साढ़े छह बजे तक जिरह भी हुई। अभियुक्तों की ओर से विक्की अनवर, अफजाल हुसैन, मसूद अली, कमर हुसैन, जमाल पाशा आदि अधिवक्ताओं ने जिरह की।