यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा में इस बार किसी तरीके की गड़बड़ी नहीं हो सकेगी। बोर्ड ने सभी परीक्षा केंद्रों को ऑनलाइन करने के निर्देश जारी किए है। प्रायोगिक परीक्षा के समय से ही परीक्षा केंद्रों पर बोर्ड की नजर रहेगी। वहीं, अगले आदेश तक सभी केंद्र ऑनलाइन रहेंगे। डीआईओएस ने परीक्षा केंद्रों के लिए पत्र जारी कर दिए है।
जिले में इस बार 66 स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया है। इन पर 50 हजार से ज्यादा परीक्षार्थी शामिल होंगे। केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की अनिवार्यता पहले से ही लागू है। लेकिन, इस बार केंद्रों पर सीसीटीवी वायस रिकार्डर और डिजिटल वीडियो रिकार्डिंग की व्यवस्था रहेगी। केंद्रों पर इसकी व्यवस्था जल्द ही दुरुस्त करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
प्रायोगिक परीक्षा के समय से ही परीक्षा केंद्रों को बोर्ड की नजर में लाने के लिए ऑनलाइन करना होगा। एक बार आनलाइन करने के बाद इसे बोर्ड के अगले आदेश के बाद ही ऑफलाइन किया जा सकता है। रात में भी यह नाइट विजन प्रणाली से लैस रखने के लिए भी निर्देश है।
हाई क्वालिटी की रिकार्डिंग अनिवार्य की गई है, जिससे बोर्ड के कंट्रोल रूम से निगरानी में कोई समस्या न होने पाए। 30 दिन की रिकार्डिंग सुरक्षित रखने की व्यवस्था भी जरूरी होगी। डीआईओएस वेदराम ने पत्र जारी करके सभी परीक्षा केंद्र प्रभारियों को नई व्यवस्था से लैस करने के निर्देश दिए हैं। परीक्षा प्रारंभ होने के एक सप्ताह पूर्व विभाग इसकी रिपोर्ट विभाग को देगा।
24 फरवरी से शुरू होगी परीक्षा
यूपी बोर्ड ने लिखित परीक्षा के साथ ही प्रयोगात्मक परीक्षाओं का शेड्यूल भी जारी कर दिया है। लिखित परीक्षा जहां 24 फरवरी से शुरू होकर 12 मार्च तक चलेंगी। वहीं, प्रयोगात्मक परीक्षाएं एक से आठ फरवरी के बीच आयोजित होंगी।