चंदौसी। प्रशासनिक न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने रविवार को जनपद न्यायालय का भ्रमण कर व्यवस्थाओं और आधारभूत सुविधाओं का अवलोकन किया। इस दौरान न्यायमूर्ति ने न्यायालय परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
प्रशासनिक न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह रविवार की सुबह साढ़े 10 बजे करीब जनपद न्यायालय पहुंचे। सबसे पहले उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। जनपद न्यायाधीश डॉ. विदुषी सिंह ने बुके भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद न्यायमूर्ति ने जनपद न्यायालय परिसर का निरीक्षण कर न्यायालयों की व्यवस्थाओं एवं आधारभूत सुविधाओं का अवलोकन किया।
निरीक्षण के बाद न्यायमूर्ति ने चंदौसी बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान अधिवक्ताओं द्वारा न्यायिक कार्यों एवं न्यायालय परिसर से संबंधित विभिन्न विषयों पर अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए, जिन्हें न्यायमूर्ति ने गंभीरतापूर्वक सुना तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इसके उन्होंने जनपद के समस्त न्यायिक अधिकारियों के साथ बैठक कर न्यायिक कार्यों की प्रगति, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध न्यायिक निस्तारण तथा न्यायिक प्रशासन से संबंधित विभिन्न विषयों की समीक्षा की एवं आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। भ्रमण के दौरान न्यायमूर्ति ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) का भी निरीक्षण किया तथा अभिलेखों एवं न्यायिक कार्यों का अवलोकन करते हुए आवश्यक निर्देश दिए।
इस मौके पर प्रदीप कुमार पीठासीन अधिकारी एमएसीटी कोर्ट, मछला अग्रवाल प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय, आरती फौजदार एडीजे, गोपालजी एडीजे, रागिनी सिंह विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट, अवधेश कुमार सिंह एडीजे/विशेष न्यायाधीश पॉस्को एक्ट, दीपक कुमार जायसवाल मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, एसीजेएम नावेद अख्तर, एसीजेएम आदित्य सिंह, एसीजेएम पराग यादव, सिविल जज जूनियर डिवीजन दिव्या गर्ग, सिविल जज जूनियर डिवीजन दिव्या चिंडालिया व समस्त न्यायालय कर्मचारी उपस्थित रहे।
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चंदौसी बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने ज्ञापन सौंपा
चंदौसी। बार एसोसिएशन चंदौसी के अधिवक्ताओं व एल्डर कमेटी के सदस्यों ने प्रशासनिक न्यायमूर्ति का बुके भेंट कर स्वागत किया। साथ ही एक ज्ञापन सौंप कर समस्याओं के निस्तारण की मांग की। ज्ञापन के माध्यम से कहा कि जिला न्यायालय परिसर में 11 कोर्ट हैं। जिनके लिपिक कार्यालय के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर कम पड़ रहा है। परिसर में स्थित अनुपयोगी साइकिल स्टैंड के स्थान पर लिपिकीय कार्यालय बनवाए जा सकते हैं। इसके अलावा कहा कि जिला न्यायालय परिसर में परिवार न्यायाधीश कार्यरत हैं। जिनमें बड़ी संख्या में मुकदमे विचाराधीन है। यहां एक एडिशनल फैमिली कोर्ट की स्थापना करा दी जाए। वही न्यायालय में 11 कोर्ट काम कर रहे हैं जो सभी भूतल पर हैं। प्रथम तल पर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो जाए तो सिविल जज जूडि, जेएम कोर्ट का संचालन हो जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में लोकेंद्र शर्मा, सगीर सैफी, राजबहादुर, विपिन कुमार सिंह, कृष्णानंद शर्मा बंटू, अनुराग सिंह अधिवक्ता आदि रहे। संवाद