जुनावई (संभल)। क्षेत्र के गांव सिकरौरा खादर में बुखार से पीड़ित चाचा जुगल किशोर (55) और भतीजे नंदकिशार (36) की मौत हो गई। जुगल किशोर की बेटी भी बुखार से पीड़ित है और सीएचसी में उपचार चल रहा है। बुखार को लेकर ग्रामीणों में दहशत है।
जुनावई सीएचसी क्षेत्र के गांव सिकरौरा खादर निवासी नंदकिशार (36) को करीब एक सप्ताह पहले बुखार आया था। बुखार आने पर पहले स्थानीय चिकित्सक से दवा दिलाई गई, फिर मुरादाबाद टीएमयू में भर्ती कराया गया। वहां पर नंदकिशोर का कई दिनों से उपचार चल रहा था। उपचार के दौरान शुक्रवार की रात करीब दो बजे उसने दम तोड़ दिया। नंदकिशोर के शव को गांव में लाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया है। नंद किशोर के चाचा जुगल किशोर (55) को भी आठ दिन पहले बुखार आया था। बुखार आने पर जुगल किशोर को सीएचसी जुनावई से अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया था, वहां उपचार के दौरान उनकी बृहस्पतिवार को मौत हो गई थी। जुगल किशोर की बेटी नीरज कुमारी भी बुखार से पीड़ित है और उसका जुनावई सीएचसी में उपचार चल रहा है। गांव में बुखार से दो मौत होने से ग्रामीणों में भय का माहौल है। हालांकि बुखार के कम रोगी ही गांव में है। करीब दस दिन पहले 15 से 20 लोग बुखार से पीड़ित थे, वह लोग सही हो चुके हैं। अन्य बुखार से पीड़ित है। नंद किशोर किसान था। उसके छह बच्चे हैं। दो बेटे और चार बेटियां हैं।