तीन तलाक के मुद्दे पर हुई बैठक में उलेमा ने केंद्र सरकार के तीन तलाक के कानून का विरोध किया। दिल्ली में राज्यसभा के सदस्यों से उलेमा का प्रतिनिधिमंडल मिलेगा। उनसे बिल पास होने से रोकने की मांग की जाएगी। इसके अलावा उलेमा जिलाधिकारी को भी ज्ञापन सौंपेेंगे।
रविवार को कोट गर्वी स्थित मदीना मस्जिद में तंजीम उलामाए अहले सुन्नत उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में बैठक का आयोजन हुआ। इमामे ईदगाह मौलाना सुलेमान अशरफ हामिदी ने कहा कि भाजपा की सरकार, अंग्रेजों की तरह नफरत डालो राजनीति करो की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हमें विरोध के माध्यम से तीन तलाक के बिल को राज्यसभा में पास होने से रोकना होगा।
बैठक में निर्णय लिया गया कि एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली जाकर राज्यसभा के सदस्यों से मिलेगा। मौलाना नफीस अख्तर ने कहा कि तीन तलाक बिल के विरोध में राष्ट्रीय स्तर पर विरोध किया जाएगा। मौलाना तौसीफ रजा ने कहा कि धर्म निरपेक्षता का झंडा उठाने वाली दूसरी सियासी पार्टियों की चुप्पी संदेह पैदा कर रही है। चौधरी मुशीर खां ने उलेमाओं के साथ चलने का आह्वान किया ।
बैठक में मौलाना जियाउल मुस्तफा, मौलाना मुईन अशरफ, मौलाना शुऐब, मौलाना कामिल, मौलाना फैजान अशरफ, कारी अबरार मिस्बाही, मुफती कासिम, कारी मोअज्जम रजा, मौलाना नईम, हाजी शफीक सैफी, हाजी वाहिद हुसैन, शहजाद खां, डा शुजाअत, पापुल नेता, कमर, नाजिम , शफीकुर्हमान बरकाती, हाजी एहतेशाम, चौधरी सुआलेहीन रजा, हाजी जफीर, अतहर खां, शुऐब वास्ती, अतीक वास्ती, ताहिर खां,सैयद जमीलुर्हमान, शकीलुर्हमान, शफीक अशफाकी, यासीन कादरी, अरशद याकूब, मौ नदीम, वामिक अली, इमतियाज बरकाती, अहमद नौशाही रहे। संचालन कारी इरफान लतीफी ने किया।