चंदौसी (संभल)। बदायूं के विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट दीपक यादव ने किशोरी को बहलाकर ले जाने के मामले में दो दोषियों को सात-सात वर्ष की सजा सुनाई है। साथ ही दस-दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट का जुर्म साबित न होने पर राहत दी है।
एडीजीसी अमोल जौहरी ने बताया कि थाना गुन्नौर में एक तहरीर 15 फरवरी 2016 को दी गई। जिसमें एक व्यक्ति ने बताया कि उसकी नाबालिग बेटी घर से बाहर गई थी। वहीं से आरोपी नरेश कुमार, करण सिंह व रोहताश ने बहला फुसलाकर उसकी बेटी का अपहरण कर लिया। पीड़ित का परिवार रातभर उसकी बेटी को तलाश करता रहा। लेकिन उसकी बेटी का कहीं कोई पता नहीं चला। जिसकी रिपोर्ट गुन्नौर थाने में दर्ज की गई। पुलिस ने अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो का आरोप पत्र न्यायालय में दाखिज किया। आरोपियों में नरेश नाबालिग था, इस कारण उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड संभल स्थित चंदौसी को भेज दी गई। बुधवार को न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी करण सिंह और रोहताश को किशोरी के अपहरण का दोषी करार दिया। बुधवार को दोनों आरोपियों को सात सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दस दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। न्यायालय ने अर्थदंड से मिलने वाली धनराशि में से आधी राशि पीड़िता को दिलाने के आदेश दिए हैं।