मजदूरी करके चला रहे थे परिवार
ट्रक के केबिन में दम घुटने से जान गंवाने वाले इकरार तीन भाई थे। इकरार अपने पिता बुंदू का दूसरे नंबर का बेटा था। बताया गया कि ट्रक इरशाद का है और उनका भाई इकरार इसे चलाता था। जबकि एक और अन्य चालक रहता था। परिजनों ने बताया कि, इकरार की तीन बेटियां और एक बेटा है।
पति की मौत के बाद पत्नी कल्लो भी सुधबुध खो बैठी है। जबकि दूसरा चालक इरफान भी ट्रक चलाकर अपनी जीविका चलाता था। इरफान की मौत के बाद पत्नी सायमीन का रो-रोकर बुरा हाल है। तीन मासूम बेटियां अनाथ हो गई हैं। सभी का रो रोकर बुरा हाल है।