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Sambhal News: पिकअप की टक्कर से बाइक सवार दो दोस्तों की मौत, बाइक में लगी आग

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संभल। हसनपुर मार्ग पर गांव मिर्जापुर ककरौआ के निकट शनिवार दोपहर करीब तीन बजे बाइक सामने से आ रही पिकअप से टकरा गई। हादसे में बाइक सवार सोनू ठाकुर (22) और उसके दोस्त आशीष (24) की मौत हो गई। तेज टक्कर के कारण बाइक में आग लग गई और दमकल पहुंचने तक पूरी तरह जल गई।
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पुलिस के मुताबिक सोनू ठाकुर बदायूं के गोंठा गांव का रहने वाला था, जबकि उसका दोस्त आशीष दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके का निवासी था। दोनों दिल्ली में साथ किसी निजी कंपनी में काम करते थे। हादसे के वक्त बाइक से दिल्ली ही जा रहे थे। पुलिस का मानना है कि हादसे के समय दोनों वाहनों की रफ्तार ज्यादा थी। तेज टक्कर के कारण दोनों बाइक सवार दूर जा गिरे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार संभल-हसनपुर मार्ग पर गांव मिर्जापुर ककरौआ के निकट से गुजरते समय बाइक एक वाहन को ओवरटेक करते समय सामने से आ रही तेज रफ्तार पिकअप में जा घुसी। तेज झटके कारण दोनों युवक उछलकर दूर गिरे, जबकि पिकअप के अगले हिस्से में घुसी बाइक में आग लग गई। इस बीच पिकअप चालक मौके से भाग गया। नजदीकी लोगों और पुलिस ने बुरी तरह घायल दोनों युवकों को अस्पताल पहुंचाया लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
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मृतक सोनू की दादी मुन्नी देवी ने बताया कि शनिवार सुबह नौ बजे दोनों दिल्ली जाने के लिए गांव से निकले थे। उन्होंने बताया कि सिपाही भर्ती परीक्षा देने के लिए एक हफ्ते पहले सोनू दिल्ली से गांव आया था। दोस्त आशीष भी उसके साथ था। गांव से वापसी में दोनों हादसे का शिकार हो गए।

नखासा थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि दोनाें शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे हैं। पिकअप कब्जे में लेकर चालक की तलाश की जा रही है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।

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चालीस मीटर दूर जाकर गिरा था आशीष

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पिकअप ने बाइक में इतनी तेज टक्कर मारी कि आशीष करीब 40 मीटर दूर जाकर गिरा था। सोनू उछलकर सड़क की साइड में गिरा था। आशीष के शरीर पर जगह-जगह गंभीर चोटें थी। उसका शरीर कुचला हुआ सा लग रहा था। मौके पर लोगों के जुटने से पहले ही पिकअप छोड़कर चालक भाग गया।

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निजी कंपनी में नौकरी के साथ ही की थी सिपाही भर्ती की तैयारी

सोनू अपने दोस्त आशीष के साथ दिल्ली में निजी कंपनी में नौकरी करता था। साथ ही सोनू सिपाही बनने की तैयारी भी कर रहा था। दस को भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए ही वह पिछले सप्ताह अपने गांव आया था। दिल्ली का दोस्त साथ आ गया था और गांव में घर पर ही ठहरा था। सोमवार दिल्ली में ड्यूटी ज्वाइन करने के इरादे से वह बाइक से निकले थे।

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सोनू अपने भाई- बहनों में सबसे बड़ा था

सोनू के परिजनों ने बताया कि सोनू दो भाई और तीन बहनों में सबसे बड़ा था। परिवार का भी सपना था कि वह पुलिस भर्ती में सफलता पा सके। सोनू की मां ऊषा देवी और पिता रनवीर का अब बुरा हाल है। परिवार की आर्थिक स्थिति ज्यादा मजबूत नहीं है। इसलिए वह अपनी परीक्षा की तैयारी के साथ निजी कंपनी में भी नौकरी करता था। परिवार को खर्च के लिए कुछ पैसे भी भेजता था। परिवार के सभी लोग मेहनतकश हैं।

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साथ-साथ दुनिया छोड़ गए हमेशा साथ रहने वाले दोस्त

रिश्तेदारों ने बताया कि सोनू की आशीष से गहरी दोस्ती थी। दोनों परिवार के सदस्य की तरह रहते थे। सोनू की दादी ने बताया कि आशीष अक्सर पोते के साथ गांव में घर पर आ जाता था। दिल्ली में भी दोनों साथ रहते थे और साथ ही निजी कंपनी में नौकरी करते थे। सोनू को परीक्षा के लिए गांव आता देख आशीष ने भी कंपनी से छुट्टी ले ली थी। आशीष के परिवार को भी दोनों की दोस्ती के बारे में जानकारी थी। दोनों ही परिवार इससे खुश थे। इस हादसे ने दोनों को छीनकर दोनों परिवारों को कभी न भूलने वाला दर्द दे दिया। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।
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