संभल। संभल के 68 तीर्थ और 19 कूपों की चौबीस कोसीय परिक्रमा 25 अक्तूबर की सुबह में पांच बजे प्राचीन तीर्थ श्री वंश गोपाल कल्किधाम से शुरू होगी। परिक्रमा समिति के पदाधिकारी तैयारियों में जुटे हैं। परिक्रमा पथ को संवारा जा रहा है। परिक्रमा मार्ग में अवरोधों को दूर कराया जा रहा है।परिक्रमा समिति के प्रभारी राजेश सिंघल ने बताया कि वंश गोपाल कल्किधाम बेनीपुर चक में 24 अक्तूबर की रात्रि में ही बड़ी संख्या में भक्तगण आ जाएंगे। उन भक्तों के लिए भव्य टैंट लगवाया जा रहा है। ताकि वे इसमें शरण ले सकें। रात्रि में किसी भी तरह की समस्या नहीं होगी। बताया कि दूरदराज से परिक्रमा करने के लिए आने वाले भक्तगण रात्रि में ही आ जाते हैं। वंश गोपाल कल्किधाम मंदिर के महंत स्वामी भगवत प्रिय महाराज ने बताया कि रात्रि में भक्तों के लिए जहां विश्राम की व्यवस्था की जा रही है। वहीं, भक्तिमय माहौल बना रहे, इसके लिए भजन मंडली को बुलवाया गया है। ताकि भजन कीर्तन होता रहा। संरक्षक कमलकांत तिवारी का कहना है कि चौबीस कोसीय परिक्रमा मार्ग पर विभिन्न जगहों पर सेवा शिविर लगेंगे, जहां भक्तों को प्रसाद मिलेगा। इसके अलावा रास्ते में किसी भी तरह की समस्या के लिए पदाधिकारी मुस्तैद रहेंगे। मालूम हो कि चौबीस कोसीय परिक्रमा इस बार 25 अक्तूबर से शुरू होकर 26 अक्तूबर को वंश गोपाल कल्किधाम बेनीपुर चक में पहुंचकर संपन्न होगी।