रविवार को सुबह घर से बुलाकर ले जाए गए ट्रक चालक सद्दन (40) की जूते के फीते से गला घोंटकर हत्या कर दी गई। घटना को रविवार की रात किसी समय अंजाम दिए जाने की आशंका है। सोमवार को अपराह्न करीब डेढ़ बजे नगर के बदायूं रोड स्थित आईटीआई के पीछे खेत में ट्रक चालक का शव पड़ा मिला। ट्रक चालक की जेब से मिली फोन नंबर की पर्ची पर सूचना दी गई। सूचना पर ट्रक चालक सद्दन के साथी आलमपुर कुदैया निवासी चांद पुत्र बाबू खां ने शिनाख्त की।
थाना बनियाठेर क्षेत्र के गांव देवरखेड़ा निवासी ट्रक चालक सद्दन पुत्र सब्बन पत्नी सवीरा और पांच बच्चों के साथ रहते थे। सवीरा ने बताया कि वह 17 मार्च को घर पर मेला देखने आई भतीजी हिना को मायके में छोड़ने के लिए हापुड़ गई थी। 19 मार्च को शाम चार बजे घर आकर पति के बारे में बच्चों से पूछा तो पता चला दो लोग उनके पति को सुबह करीब आठ-नौ बजे घर से बुलाकर ले गए हैं। रात भर पति का कोई पता नहीं चला। संभावित ठिकानों पर तलाश की गई फिर कोई पता नहीं चल सका। सोमवार को अपराह्न करीब तीन बजे पुलिस ने एक्सीडेंट की सूचना दी। सूचना पर अस्पताल पहुंचे।
अस्पताल में शव देखा तो पैरों के नीचे से जमीन निकल गई। गला जूते के फीते से घोंटा गया था, फीता भी गले पर कसा था। मुंह में पत्ते भरे हुए थे। देखकर लग रहा था कि हत्या कहीं और करके लाश को यहां लाकर फेंका गया है। पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। बुलाकर ले जाने वाले लोग कौन थे? किस दुश्मनी के कारण उसकी हत्या की गई? इसकी जानकारी अभी नहीं हो सकी है। पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है। परिजनों ने भी किसी से भी रंजिश होने से इनकार किया है।
पांच बच्चों की परवरिश का गहराया संकट
चंदौसी। ट्रक चालक सद्दन की मौत के बाद पत्नी सवीरा का रो रोकर बुरा हाल है। भूमिहीन सवीरा के पास बच्चों के भरण पोषण के लिए कोई और सहारा नहीं है। सद्दन की मौत के बाद सवीरा पर सिमरन (14), सद्दाम (12), सुमायला (08), सौफिया (06), समीर (04) की परवरिश का संकट गहराया हुआ है। सवीरा बदहवास है।