बदलते मौसम के कारण लोग बुखार की चपेट में आ रहे है, तो वहीं ऐसे मरीजों को बुखार ठीक होने के बाद गले का संक्रमण परेशान कर रहा है। गला खराब होने की वजह से उन्हें लगातार खांसी की समस्या हो रही है। सीएचसी में रोजाना ऐसे 200 से 250 के बीच मरीज आ रहे हैं। इनमें युवाओं की संख्या ज्यादा है। चिकित्सकों का कहना है कि बुखार ठीक होने के बाद मरीज लापरवाही बरतना शुरू कर देते हैं। जिस कारण उन्हें गले के संक्रमण की समस्या हो रही है।
इन दिनों मौसम में बदलाव के चलते लोग कई तरह की बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। वहीं कुछ समय से वायरल बुखार लोगों को परेशान कर रहा है। अगर परिवार में किसी एक सदस्य को भी बुखार आ जाए, तो परिवार के अन्य भी इसकी चपेट में आ जाते हैं। जहां बुखार करीब एक सप्ताह तक लोगों को परेशानी दे रहा है। तो वहीं बुखार ठीक होने के बाद गले का संक्रमण लोगों को परेशान कर रहा है।
सीएचसी के सीएमएस डॉ. हरविंदर सिंह ने बताया कि सुबह-शाम की ठंड और दिन में गर्मी की वजह से लोग लापरवाह हो जाते हैं। वे ठंडे पेय पदार्थ और दिन में गर्म कपड़े नहीं पहनते। जिस कारण उन्हें वायरल फीवर हो जाता है। अगर वह ठीक भी हो जाए, तो फिर से वह लापरवाही के चलते ठंडी चीजों का सेवन कर लेते हैं। जिससे उन्हें गले में संक्रमण की परेशानी हो जाती है।
सीएमएस ने बताया कि ऐसे सीएचसी में रोजाना 200 से 250 के बीच मरीज आ रहे हैं। जिन्हें दवाइयों के साथ साथ सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
ऐसे करें बचाव
रात में सोते समय अभी पंखा न चलाए।
दिन में भी हल्के गर्म कपड़े पहने
- ठंडी चीजों से परहेज करें।
- वायरल होने पर घर पर रहकर आराम करें।
- घर से निकलते समय मास्क का प्रयोग करें।
- संक्रमण होने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें।