जिले के पुलिस कप्तान को हटवाने के लिए सीएम योगी दी गई गुन्नौर विधायक की चिट्टी सोशल मीडिया में वायरल हो रही है। जिसके अलग-अलग मायने निकाले जा रहे है। कुछ लोग सरकार की तबादला नीति पर सवाल कर रहे है तो कुछ शिकायत मिलने पर एसपी को बड़े जिले में भेजे जाने का इनाम बता रहे है। लिहाजा कप्तान के तबादला को लेकर दिनभर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।
रविवार को प्रदेश सरकार के द्वारा सूबे के 36 आईपीएस के तबादला सूची में जिले के पुलिस अधीक्षक रवि शंकर छवि को आजमगढ़ में एसएसपी बनाए जाने के बाद उनके ट्रांसफर के अलग-अलग कयास लगाए जाने लगे। कुछ लोगों ने दावा किया कि हिंदु युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं की शिकायत के बाद एसपी का तबादला हुआ।
कुछ इसे रूटीन तबादला मानने लगे। सियासत का बाजार उस वक्त गर्म हो गया जबकि गुन्नौर विधायक अजीत कुमार उर्फ राजू यादव की चिट्ठी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। 16 मई को विधायक के द्वारा सीएम योगी को की गई शिकायत में आरोप लगाया है कि जिले कप्तान का रवैया पार्टी व कार्यकर्ताओं के विपरीत है जिससे प्रत्येक थाने में तैनात पुलिस कर्मी कार्यकर्ताओं के साथ अशोभनीय व्यवहार करते है।
थानों में पुलिस कर्मियों की कार्यशैली में बदलाव नहीं है, जिससे भ्रष्टाचार पनप रहा है। शिकायत में एसपी के तबादले की मांग की थी। सोमवार को लोगों के द्वारा सरकार की तबादला नीति पर चर्चा की जाने लगी। साथ ही कुछ ने सरकार पर सवाल खड़ा किया है कि जिस पुलिस अधीक्षक की शिकायत की उसे बड़े जिले में तैनात कर इनाम दे दिया।